नई दिल्ली: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 23 नवंबर, 2025 को वैज्ञानिक एवं नवोन्मेषी अनुसंधान अकादमी (एसीएसआईआर) के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक दशक से थोड़ा अधिक पुराना यह संस्थान भारत के सबसे परिवर्तनकारी और तेज़ी से बढ़ते वैज्ञानिक केंद्रों में शामिल हो चुका है।
उम्र से कहीं ज्यादा हासिल किया
डॉ. सिंह ने कहा, एसीएसआईआर ने अपनी उम्र से कहीं ज्यादा उपलब्धियां हासिल की हैं। यह संस्थान सीएसआईआर, आईसीएमआर, डीएसटी, आईसीएआर, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और बड़े विश्वविद्यालयों की बेहतरीन वैज्ञानिक प्रतिभाओं को एक मंच पर लाता है। वर्तमान में 79 परिसरों में लगभग 7,000 छात्र पढ़ रहे हैं और 3,100 से अधिक वरिष्ठ वैज्ञानिक उन्हें मार्गदर्शन दे रहे हैं।
‘आई-पीएचडी’: कल्पना + नवाचार + उद्योग
2023 में शुरू हुआ ‘आई-पीएचडी’ (Industry-PhD) कार्यक्रम इस अकादमी की सबसे नई और अनोखी पहल है। डॉ. सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में ‘आई’ का मतलब सिर्फ इंडस्ट्री नहीं, बल्कि इमैजिनेशन (कल्पना) और इनोवेशन (नवाचार) भी है। हर छात्र को ऐसा शोध करने की छूट है जो या तो समाज में बड़ा बदलाव ला सके या स्टार्टअप के लिए नई तकनीक दे सके। इससे शोध सीधे उद्योग की जरूरतों से जुड़ जाता है।
प्रधानमंत्री के विज्ञान-नेतृत्व का प्रतिबिंब
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एसीएसआईआर का तेज विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विज्ञान को मिल रही प्राथमिकता को दिखाता है। देश अब पांचवीं से आगे बढ़कर दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनेगा और यह यात्रा पूरी तरह नवाचार, तकनीक और उद्योग पर टिकी होगी। एसीएसआईआर के छात्र इसी भविष्य के अगुआ बनेंगे।
शानदार रैंकिंग और उपलब्धियां
एनआईआरएफ 2025 (शोध श्रेणी): 9वां स्थान
विश्व रैंकिंग में शीर्ष 3.5 प्रतिशत
नेचर इंडेक्स: 10वां स्थान
2024 में 831 पीएचडी डिग्री दी गईं
अब तक 25,000 से ज्यादा शोध-पत्र और सैकड़ों पेटेंट
वैश्विक सहयोग बढ़ रहा
एसीएसआईआर ने ऑस्ट्रेलिया, जापान, फिनलैंड और मेलबर्न जैसे विश्वविद्यालयों के साथ समझौते किए हैं। इससे छात्रों को दोहरी डिग्री, संयुक्त शोध और विदेशी लैब में काम करने का मौका मिल रहा है।
युवाओं का नया करियर विकल्प
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज का युवा शोध को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि स्टार्टअप, उद्यमिता और समाज-सेवा का जरिया मान रहा है। एसीएसआईआर ऐसे ही उत्साही युवाओं को सशक्त बना रहा है। दीक्षांत समारोह में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल, सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।



