नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक आकर्षण को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू की गई शाहजहानाबाद पुनर्विकास परियोजना, अपने भव्य पुनर्प्रारंभ के चार साल बाद भी उपेक्षा और प्रशासनिक निष्क्रियता का शिकार बनी हुई है। कभी विरासत नवीनीकरण के एक मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया जाने वाला यह पुनर्विकसित मार्ग अब बुनियादी रखरखाव के मुद्दों से जूझ रहा है। इस मसले पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में चांदनी चौक लोकसभा के सांसद प्रवीण खंडेलवाल, दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद के अलावा एसआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में इस बात पर सहमति थी कि वॉल्ड सिटी का पुनर्विकास व पुनर्निमाण किया जाना जरूरी है।दिल्ली सरकार वॉल्ड सिटी की विरासत को लौटाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसके लिए जल्द ही शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) का पुनर्गठन किया जाएगा, ताकि पुरानी दिल्ली का पुराना गौरव लौटे और यहां के स्थानीय निवासियों व व्यापारियों को समुचित नागरिक सुविधाएं मिलें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुराने शहर का समग्र विकास करने की बड़ी योजनाएं बना रही है।
चांदनी चौक का विकास तीन एजेंसी के जिम्मे है, जिससे विकास कार्यों में देरी होती है
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार की घोर लापरवाही के कारण इस क्षेत्र का बुरा हाल है। विशेषकर ऐतिहासिक बाजार चांदनी चौक में समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। सरकार वॉल्ड सिटी का गौरव लौटाने के लिए कृत संकल्प है, इसके लिए योजनाएं बन रही हैं। चांदनी चौक का समुचित विकास इसलिए नहीं हो रहा है, क्योंकि वह तीन सरकारी एजेंसी के जिम्मे है, जिससे विकास कार्यों में लगातार देरी होती रहती है। सरकार एसआरडीसी का जल्द पुनर्गठन करेगी और इसके माध्यम से वॉल्ड सिटी में विकास कार्य शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इस निगम में विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा, जो हैरिटेज को संवारने की योग्यता रखते हों। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार चांदनी चौक बाजार को लेकर भी गंभीर है। यहां लाखों लोग घूमने व खरीदारी के लिए आते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार को संवारने के लिए तेजी से कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री के अनुसार उन्हें बताया गया है कि बाजार में महिलाओं के लिए शौचालय की कमी है। उन्होंने संबंधित विभाग को आदेश दिए कि वे बाजार में तुरंत पिंक टॉयलेट का भी निर्माण करें।
निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम पूरी तरह से निष्क्रिय है, क्योंकि पूर्व सरकार ने इसके माध्यम से पुरानी दिल्ली का विकास करने में रुचि ही नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि एसआरडीसी का पुनर्गठन किया जाए और इसमें सरकारी अधिकारियों के अलावा विरासत व इतिहास से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। सांसद ने एसआरडीसी का नाम भी बदलने का आग्रह किया। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि वॉल्ड सिटी के पुनर्विकास के लिए विरासत के संरक्षण से जुड़ी कंपनियों को भी शामिल किया जाए, ताकि इस क्षेत्र का पुराना चरित्र वापस लौटाया जाए। उनका यह भी कहना था कि पुरानी दिल्ली की हैरिटेज इमारतों में व्यापारिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि चांदनी चौक बाजार का पुराना स्वरूप बनाए रखने के लिए निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।



