नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने नवंबर 2025 के लिए अपना दो सप्ताह का ऑनलाइन शॉर्ट टर्म इंटर्नशिप प्रोग्राम (ओएसटीआई) शुरू कर दिया है। इस बार 906 आवेदनों में से 80 विश्वविद्यालय स्तर के छात्रों का चयन किया गया। ये छात्र विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आते हैं और देश के 16 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह कार्यक्रम कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों को मानवाधिकारों की सुरक्षा और संवर्धन की गहन समझ प्रदान करने का उद्देश्य रखता है। ऑनलाइन माध्यम से यह दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच बना रहा है, जिससे मानवाधिकार जागरूकता पूरे देश में फैल रही है।
उद्घाटन संबोधन में प्रेरणा
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में एनएचआरसी के महासचिव भारत लाल ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आयोग ऑनलाइन इंटर्नशिप के जरिए देश के सबसे दूरस्थ कोनों तक पहुंचकर मानवाधिकार जागरूकता फैला रहा है। इसका मकसद युवा मन को संवेदनशील बनाना, शिक्षित करना और प्रेरित करना है ताकि मानवाधिकार गरिमा पर आधारित जीवंत मूल्य बनें। लाल ने गरिमा को सभी मानवाधिकारों का केंद्र बताया और कहा कि भेदभाव या बुनियादी सुविधाओं की कमी से गरिमा का हनन मानवाधिकार उल्लंघन है।
उन्होंने इंटर्न्स से गहराई से सोचने, उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने और संवैधानिक आदर्शों को कार्य में बदलने की अपील की। वे न्याय, सहानुभूति और गरिमा के दूत बनें। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार गतिशील हैं और समय के साथ विकसित हो रहे हैं। साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ हवा और पानी जैसे नए मुद्दे मानवाधिकारों को प्रभावित कर रहे हैं। इंटर्न्स से इस अवसर का सदुपयोग करने और दूसरों की जिंदगी प्रभावित कर सकारात्मक छाप छोड़ने को कहा।
पाठ्यक्रम की झलक
एनएचआरसी की संयुक्त सचिव सैडिंगपुई च्हकछुआक ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा बताई। 34 विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा 43 सत्रों में इंटर्न्स को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार, मैनुअल स्कैवेंजर्स के अधिकार, मानसिक स्वास्थ्य को मानवाधिकार के रूप में, किशोर न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी मिलेगी। व्यावहारिक अनुभव के लिए दिल्ली के तिहाड़ जेल, पुलिस स्टेशन और आशा किरण आश्रय गृह का वर्चुअल दौरा कराया जाएगा।इसके अलावा, किताब समीक्षा प्रतियोगिता, मानवाधिकार मुद्दों पर ग्रुप रिसर्च प्रोजेक्ट प्रस्तुति और वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित होगी। निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल वीरेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम युवाओं को मानवाधिकारों की गहराई समझाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तैयार करता है।
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व्यापक प्रभाव
यह इंटर्नशिप न केवल ज्ञान बढ़ाती है बल्कि छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाती है। एनएचआरसी का यह प्रयास देश में मानवाधिकार संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चुने गए 80 छात्रों में विविधता से कार्यक्रम की पहुंच और समावेशिता झलकती है। कुल मिलाकर, यह पहल युवा पीढ़ी को संवैधानिक मूल्यों का पालन करने और समाज सुधार में योगदान देने के लिए प्रेरित कर रही है।



