नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत का चौथा दौर 8 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक पूरा हो गया। पांच दिनों तक चली यह चर्चा ऑकलैंड और रोटोरुआ में हुई। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैकक्ले ने इसमें हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने प्रगति पर खुशी जताई और जल्द समझौता करने की इच्छा दोहराई।
प्रमुख क्षेत्रों में चर्चा
बैठकों में माल, सेवाएं, निवेश नियम, मूल नियम और आर्थिक सहयोग पर विस्तार से बात हुई। दोनों देश चाहते हैं कि समझौता आधुनिक, व्यापक और भविष्य के लिए तैयार हो। इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश गहरा होगा और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनेगी। उपभोक्ताओं और व्यवसायों को बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी।
प्रधानमंत्री का विजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक समृद्धि और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला में योगदान देना चाहता है। मंत्रियों ने कहा कि FTA से दोनों देशों के बीच व्यापार में भारी बढ़ोतरी होगी। यह समझौता लचीला, समावेशी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देगा। दोनों पक्षों ने प्रक्रिया में तेजी लाने का संकल्प लिया।
द्विपक्षीय व्यापार में उछाल
वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत-न्यूजीलैंड का माल व्यापार 1.3 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल से 49 प्रतिशत ज्यादा है। FTA से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, दवा, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी। छोटे-बड़े व्यवसायों को फायदा होगा और रोजगार बढ़ेगा।
कृषि और दवा क्षेत्र को लाभ
भारत की दवाएं और कृषि उत्पाद न्यूजीलैंड में सस्ते और आसानी से पहुंच सकेंगे। वहीं न्यूजीलैंड के डेयरी, फल और तकनीकी उत्पाद भारत में लोकप्रिय होंगे। शिक्षा और आईटी सेवाओं में भी सहयोग बढ़ेगा। दोनों देशों के छात्रों और पेशेवरों को नए अवसर मिलेंगे।
आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती
कोरोना के बाद दुनिया भर में आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई थी। यह FTA दोनों देशों को एक-दूसरे पर भरोसा करने का मौका देगा। निवेश बढ़ने से फैक्टरियां, गोदाम और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं मजबूत होंगी। छोटे शहरों तक भी व्यापार का लाभ पहुंचेगा।
अगले कदम और सहमति
दोनों पक्षों ने अंतर-सत्रीय काम जारी रखने पर सहमति जताई। सभी अध्यायों पर विस्तृत चर्चा होगी ताकि जल्द समझौता हो सके। अगला दौर जल्द तय किया जाएगा। दोनों देशों की टीमें ईमेल और वीडियो कॉल से संपर्क में रहेंगी।
दोनों देशों की साझा इच्छा
भारत और न्यूजीलैंड दूर हैं, लेकिन व्यापारिक रिश्ते मजबूत हैं। यह FTA दोनों की अर्थव्यवस्थाओं को नई ऊंचाई देगा। उपभोक्ताओं को सस्ते और अच्छे उत्पाद मिलेंगे। पर्यावरण और श्रम नियमों का भी ध्यान रखा जाएगा ताकि विकास टिकाऊ हो।
भविष्य की उम्मीद
मंत्रियों ने कहा कि यह समझौता सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि दोस्ती और विश्वास का प्रतीक बनेगा। दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करेंगे। FTA से न केवल व्यापार, बल्कि सांस्कृतिक और लोगों से लोगों का संपर्क भी बढ़ेगा। यह दौर सकारात्मक माहौल में खत्म हुआ। दोनों पक्ष उत्साहित हैं और जल्द अंतिम समझौते की ओर बढ़ रहे हैं।



