नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने भारत मंडपम में ‘डिजी लॉकर-सभी के लिए पेपरलेस एक्सेस’ नामक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद, बैंकर और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। मुख्य उद्देश्य था डिजी लॉकर की मदद से पेपरलेस शासन, शिक्षा और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना।
डिजी लॉकर: विश्वास की परत
MeitY सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि डिजी लॉकर नागरिकों, मंत्रालयों और विभागों को जोड़ने वाली ट्रस्ट लेयर है। यह सुरक्षित, इंटरऑपरेबल और जवाबदेह डिजिटल शासन को सक्षम बनाता है। उन्होंने बताया कि भारत कनेक्टिविटी से विश्वास की ओर बढ़ रहा है, जहां हर डिजिटल लेन-देन पर भरोसा हो।
डिजिटल ट्रस्ट क्रांति
अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने इसे ‘डिजिटल ट्रस्ट क्रांति’ बताया। डिजी लॉकर अब सिर्फ दस्तावेज स्टोर नहीं, बल्कि पहचान, सर्टिफिकेट और वित्तीय दस्तावेजों को सुरक्षित शेयर करने का मजबूत माध्यम है। AI-आधारित eKYC और ग्लोबल वेरिफिकेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सात राज्यों को सम्मान
सम्मेलन में सात राज्यों को ‘डिजी लॉकर एक्सीलरेटर’ अवार्ड दिए गए। असम को इंटीग्रेशन एक्सीलेंस, हिमाचल और मध्य प्रदेश को पीपल फर्स्ट इंटीग्रेशन, मेघालय को डुअल प्लेटफॉर्म, केरल को पेपरलेस नवाचार, महाराष्ट्र को फास्ट ट्रैक और मिजोरम को रिक्वेस्ट मॉडल के लिए सम्मानित किया गया।
शासन में डिजी लॉकर
महाराष्ट्र की डॉ. ऋचा बागला ने पेंशन सिस्टम में डिजी लॉकर इंटीग्रेशन बताया। असम के के.एस. गोपीनाथ ने सेवा सेतु पोर्टल पर 500+ सेवाओं में इसका इस्तेमाल साझा किया। मध्य प्रदेश में सिंगल सिटीजन डेटाबेस, मेघालय में वन पोर्टल, हर जगह डिजी लॉकर कागज रहित काम कर रहा है।
शिक्षा में क्रांति
शिक्षा मंत्रालय के गोविंद जायसवाल ने बताया कि NEP 2020 के तहत डिजी लॉकर मार्कशीट, डिग्री को ऑटोमैटिक और टैंपर-प्रूफ तरीके से शेयर कर रहा है। केरल सर्टिफिकेटलेस गवर्नेंस की ओर बढ़ रहा है। TCS iON और ICFAI यूनिवर्सिटी ने डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया दिखाई।
बैंकिंग और फिनटेक में भूमिका
HDFC, ICICI, कोटक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने डिजी लॉकर से KYC, लोन और ऑनबोर्डिंग आसान करने की बात कही।NeSL ने PAN-आधारित इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी (e-BG) दिखाई। एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने पूरी डिजिटल ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया डिजी लॉकर से की। वीजा प्रोसेसिंग में भी इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है।
भविष्य की दिशा
NeGD के CEO नंद कुमारम ने कहा कि डिजी लॉकर अब डिजिटल इंडिया का मुख्य स्तंभ है। यह भरोसे और सुविधा का प्रतीक है। सम्मेलन में AI, ग्लोबल वेरिफिकेशन और नई सेवाओं पर चर्चा हुई। डिजी लॉकर को वैश्विक मॉडल बनाने की योजना है। यह सम्मेलन साबित करता है कि डिजी लॉकर सिर्फ ऐप नहीं, बल्कि डिजिटल भारत की रीढ़ है। कागज की जगह डिजिटल दस्तावेज, लाइन की जगह क्लिक, यही नया भारत है।



