नई दिल्ली: अर्बन मोबिलिटी के लिए मेट्रो में भी लग्जरी कोचों की सुविधा मुहैया कराने पर विचार शुरू हो गया है। हरियाणा के गुरुग्राम में तीन दिवसीय शहरी गतिशीलता भारत (यूएमआई) सम्मेलन और प्रदर्शनी 2025 में देश भर से आए प्रतिनिधियों ने माना कि लग्जरी कोचों की सुविधा उपलब्ध होने से हर वर्ग के लोग मेट्रो में सफर का लाभ उठा पाएंगे। मेट्रो में भीड़भाड़ और बैठने की क्षमता कम होन की वजह से उच्च वर्ग मेट्रो की सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहा है। इस सुझाव पर केंद्रीय आवासन, शहरी विकास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कहा कि इस पर काम करना चाहिए। सुविधा के अनुसार लोग पैसे देंगे। लग्जरी कोचों की सुविधा बढ़ाने से भी सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा। साथ ही जाम और प्रदूषण की समस्या से निजात मिल सकती है। खट्टर ने सुझाव दिया कि मेट्रो प्राधिकरण उच्च आय वर्ग के यात्रियों के लिए प्रीमियम या लक्जरी डिब्बों की शुरूआत पर विचार करें ताकि उन्हें सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके, जिससे सार्वजनिक परिवहन अधिक समावेशी, मन के अनुरूप और वित्तीय रूप से टिकाऊ बन सके। इस कार्यक्रम के समापन समारोह के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का लोगो और इसकी वेबसाइट भी लॉन्च किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 19वां शहरी गतिशीलता भारत (यूएमआई) सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026, 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री, नायब सिंह सैनी; केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री, तोखन साहू; सचिव, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव, श्रीनिवास कटिकिथला; आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, भारत सरकार के ओएसडी (यूटी) जयदीप; एसीएस टीसीपी हरियाणा सरकार, ए.के. सिंह, सलाहकार यूडी हरियाणा सरकार, डीसी ढेसी, एसीएस परिवहन हरियाणा सरकार, डॉ. राजा शेखर वुंडरू प्रबंध निदेशक, गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड, डॉ. चंद्रशेखर खरे, और भारत सरकार और हरियाणा सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
आरआरटीएस का विस्तार चेन्नई, मुंबई और बेंगलुरु में
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस बात पर जोर दिया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी गतिशीलता की योजना आज से ही शुरू होनी चाहिए, ताकि जब ये शहर टियर-1 शहरी केंद्रों में विकसित हों, तो वे पहले से ही अच्छी तरह से नियोजित और भविष्य के लिए तैयार हों। क्षेत्रीय त्वरित परिवहन प्रणाली (आरआरटीएस) को दिल्ली-एनसीआर से आगे चेन्नई, मुंबई और बेंगलुरु जैसे अन्य प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि क्षेत्रीय संपर्क को और मजबूत किया जा सके और शहरी समूहों के बीच यातायात समय को कम किया जा सके।
तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन शहरी परिवहन की विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। ये पुरस्कार राज्य/नगरीय प्राधिकरणों को “शहरी परिवहन में उत्कृष्टता/सर्वोत्तम अभ्यास परियोजनाओं” के लिए दिए जाते हैं। विजेताओं को निम्नलिखित 8 श्रेणियों के पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनकी अनुशंसा सरकारी उच्चाधिकारियों और क्षेत्र के विशेषज्ञों की अध्यक्षता वाली पुरस्कार चयन समिति द्वारा की गई है।
सिटी विद द बेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का पुरस्कार मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन लिमिटेड चेन्नई को प्रदान किया, बीआरटीएस कंपनी लिमिटेड हुबली-धारवाड़ को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। सिटी विद द बेस्ट नान-मोटराइन्ड ट्रंसपोर्ट श्रेणी में उदयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड उदयपुर को विजेता घोषित किया।
फाइनेंसिंग श्रेणी में मुनसिपल कार्पोरेशन पिंपरी चिंचवाड़ को विजेता पोषित किया। सिटी बिद द बेस्ट ग्रीन ट्रांसपोर्ट इनिशिएटिव कर सम्मान तेलंगाना रिन्यूबल एनर्जी डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटिड हैदराबाद को मिला, कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड को प्रशस्ति पत्र से नवाजा। मेट्रो रेल वेद द बेस्ट मल्टी माडल इंटिग्रेशन का पुरस्कार चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड को दिया। मेट्रो रेल विद द बेस्ट पैसेंजर सर्विस में दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन को विजेता घोषित किया।



