डिजिलॉकर नागरिकों, मंत्रालयों के बीच भरोसे की कड़ी: सचिव

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शनिवार को डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म में एआई-आधारित ई-केवाईसी और वैश्विक क्रेडेंशियल सत्यापन की योजना की घोषणा की। यह प्लेटफॉर्म एक सुरक्षित दस्तावेज भंडारण सेवा से विकसित होकर एक विश्वसनीय परत के रूप में विकसित हुआ है जो नागरिकों को मंत्रालयों और विभागों से जोड़ता है।

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नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि डिजिलॉकर नागरिकों, मंत्रालयों और विभागों के बीच भरोसे की परत के रूप में कार्य कर रहा है, जो सुरक्षित, पारस्परिक रूप से जुड़ा और जवाबदेह डिजिटल शासन सुनिश्चित करता है। भारत की डिजिटल यात्रा अब कनेक्टिविटी से क्षमता, सेवा वितरण से आत्मनिर्भरता और अब डिजिटलाइजेशन से भरोसे की दिशा में आगे बढ़ रही है। हमारा लक्ष्य एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना है, जहां हर डिजिटल संपर्क विश्वसनीय हो, हर नागरिक सशक्त हो और हर संस्था जवाबदेह बने। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ‘डिजिलॉकर सभी के लिए कागज रहित पहुंच सक्षम बनाना’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, शिक्षा, वित्त और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ तथा नीति-निर्माता शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य डिजिलॉकर की भूमिका को कागजरहित शासन, सुरक्षित दस्तावेज प्रबंधन और डिजिटल विश्वास के प्रमुख स्तंभ के रूप में रेखांकित किया गया।

एस. कृष्णन ने डिजी लॉकर नागरिकों, मंत्रालयों और विभागों को जोड़ने वाली भरोसे की एक लेयर के रूप में काम करता है – जो सुरक्षित, इंटरऑपरेबल और जवाबदेह डिजिटल गवर्नेंस को सक्षम बनाता है। हमारा विज़न ऐसा भविष्य है जहाँ हर डिजिटल इंटरैक्शन भरोसेमंद हो, हर नागरिक सशक्त हो, और हर संस्थान जवाबदेह हो।

एआई आधारित ई-केवाईसी सुविधा

मंत्रालय के अपर सचिव अभिषेक सिंह ने टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस में भारत की यात्रा को ‘डिजिटल ट्रस्ट क्रांति’ बताया। उन्होंने लाखों लोगों के लिए गवर्नेंस सिस्टम में विश्वास बनाने में डिजीलॉकर की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने एआई-आधारित eKYC और ग्लोबल क्रेडेंशियल वेरिफिकेशन के साथ डिजीलॉकर के भविष्य की रूपरेखा बताई, और इसे पेपरलेस गवर्नेंस के लिए ग्लोबल मॉडल के रूप में पेश किया।

NeGD के प्रेसिडेंट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंद कुमारम ने डिजी लॉकर के सुरक्षित डॉक्यूमेंट स्टोरेज प्लेटफॉर्म से डिजिटल इंडिया के मुख्य स्तंभ के रूप में विकसित होने की जानकारी दी। यह नागरिकों को आईडी, फाइनेंशियल क्रेडेंशियल और सर्टिफिकेट को सुरक्षित रूप से एक्सेस करने, वेरिफाई करने और शेयर करने में सक्षम बनाता है। नंद कुमारम ने कहा, “यह प्लेटफॉर्म गवर्नेंस के प्रति भारत के सहयोगी दृष्टिकोण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा हर नागरिक को दिए जाने वाले भरोसे और सुविधा को दर्शाता है।”

वित्त विभाग में प्रधान सचिव (ए एंड टी) डॉ. ऋचा बागला ने महाराष्ट्र में पेंशन और ट्रेजरी सिस्टम के साथ डिजिलॉकर के इंटीग्रेशन पर प्रस्तुति दी;  असम के प्रधान सचिव (आईटी) के.एस. गोपीनाथ ने असम में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 500 से ज्यादा सेवाओं में डिजिलॉकर के इंटीग्रेशन पर प्रस्तुति दी।

डिजिलॉकर अपनाने में राज्यों की खास उपलब्धियों के लिए उन्हें ‘डिजिलॉकर एक्सेलरेटर’ के तौर पर पहचाना गया। असम को बेहतर सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए अलग-अलग सेवाओं में डिजिलॉकर के बड़े पैमाने पर इम्प्लीमेंटेशन के लिए ‘इंटीग्रेशन एक्सीलेंस’ सम्मान प्रदान किया गया। हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों को अपने राज्यों में सबसे बड़े डिजिटल पहचान से जुड़ी नागरिक पहलों को बनाने में डिजिलॉकर का इस्तेमाल करने के लिए पीपल फर्स्ट इंटीग्रेशन सम्मान मिला। मेघालय को डिजिलॉकर और एंटिटीलॉकर दोनों प्लेटफॉर्म को इंटीग्रेट करने के लिए डुअल प्लेटफॉर्म अचीवर सम्मान मिला। केरल को डिजिलॉकर के ज़रिए पेपरलेस गवर्नेंस शुरू करने में नवाचार के लिए सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र को तेज़ी से डिजिलॉकर अपनाने के लिए फास्ट ट्रैक इंटीग्रेशन सम्मान मिला। मिजोरम को सबसे ज़्यादा रिक्वेस्ट मॉडल इंटीग्रेशन हासिल करने के लिए रिक्वेस्ट एक्सेलरेटर के तौर पर पहचाना गया।

सरकार और शिक्षा

शिक्षा मंत्रालय में उच्च शिक्षा के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने बताया कि कैसे डिजिलॉकर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षा पारिस्थितिकी को बदल दिया है। नेशनल एजुकेशनल टेक्नोलॉजी फोरम के चेयरमैन प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने बताया कि एनईटीएफ टेक्नोलॉजी के जरिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति  2020 के विजन को कैसे आगे बढ़ा रहा है। केरल राज्य सूचना प्रौद्योगिकी मिशन के निदेशक डॉ. संदीप कुमार ने राज्य के सर्टिफिकेटलेस गवर्नेंस प्रोग्राम के बारे में बात की। सूचना प्रौद्योगिकी आयुक्त और सचिव प्रवीण बख्शी ने मेघालय वन पोर्टल में डिजिलॉकर और एंटिटी लॉकर दोनों के इंटीग्रेशन पर प्रस्तुति दी।

फिनटेक और वैल्यू-एडेड सेवाएं (VAS)

नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विसेज लिमिटेड (NeSL) के प्रबंध निदेशक और  मुख्य कार्यकारी अधिकारी देबज्योति रे चौधरी ने एंटिटी लॉकर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी (e-BG) तक पैन-आधारित पहुंच पर प्रस्तुति दी। एचडीएफसी बैंक के उपाध्यक्ष चिराग जैन ने बैंकिंग क्षेत्र में नई तकनीक अपनाने की चुनौतियों की जानकारी दी। एडलवाइस म्यूचुअल फंड की डिजिटल प्रोडक्ट्स की प्रमुख हनी जग्यासी ने डिजिलॉकर के माध्यम से एडलवाइस के एंड-टू-एंड डिजिटल ऑनबोर्डिंग के बारे में बात की। डिजिलॉकर के माध्यम से दस्तावेज सत्यापन और वीजा प्रोसेसिंग के निदेशक शमीम जलील ने वीजा प्रोसेसिंग में डिजिलॉकर सहायता को बढ़ाने के लिए सिफारिशें दीं। आईसीआईसीआई बैंक के डिजिटल बिजनेस के प्रमुख श्री सुरेश मुत्याला ने डिजिलॉकर के लिए उभरते अवसरों का प्रस्ताव रखा।  कोटक महिंद्रा बैंक के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट श्री प्रशांत एम. और बैंक ऑफ बड़ौदा के सहायक  महा प्रबंधक श्री किरुबानंदन के. ने बैंक प्रोसेस में डिजिलॉकर के बड़े इंटीग्रेशन के बारे में बताया। डीआईजीआईओ के को-फ़ाउंडर संकेत नायक ने डिजिलॉकर के साथ भरोसेमंद डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर उद्योग का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

राष्ट्रीय डिजीलॉकर सम्मेलन इस बात का सबूत था कि डिजीलॉकर के ज़रिए भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। यह सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि सुशासन को बढ़ावा देने वाला भी है। सम्मेलन में इस बात पर बल दिया गया कि कैसे डिजीलॉकर अलग-अलग क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रहा है और डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित कर रहा है। इसके साथ ही, इस सम्मेलन ने सरकार की उस प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की जो विश्वास, पारदर्शिता और प्रौद्योगिकीय उत्कृष्टता पर आधारित गवर्नेंस मॉडल बनाने के लिए है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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