पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस चरण में राज्य के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इन जिलों में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर शामिल हैं।
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— Election Commission of India (@ECISVEEP) November 5, 2025
Glimpses of polling party dispatch for the Nalanda District, Bihar, ahead of #Phase1 of Bihar Elections
Date of poll📍- 6 November 2025
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अपनी सरकार चुनेंगे मतदादा
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण में 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, 1 करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, 1 लाख 904 सर्विस वोटर भी इस चरण में मतदान करेंगे।
पहली बार मत का प्रयोग
इस चुनाव की एक खास बात यह है कि 7 लाख 37 हजार 765 मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। इनमें से अधिकांश 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा हैं। वहीं, 18 से 40 वर्ष के बीच के 1 करोड़ 96 लाख 27 हजार 330 युवा मतदाता इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं।
दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा
चुनाव आयोग ने दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की है। इस चरण में 3 लाख 22 हजार 77 दिव्यांग मतदाता और 5 लाख 31 हजार 423 वरिष्ठ नागरिक मतदाता मतदान करेंगे। इनमें से 80 वर्ष से अधिक उम्र के 5 लाख 24 हजार 687 और 100 वर्ष से अधिक उम्र के 6,736 मतदाता भी लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे।
मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर, और पीने के पानी की सुविधा के साथ-साथ सीटिंग अरेंजमेंट और मेडिकल सहायता की भी व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी मतदाता को कठिनाई का सामना न करना पड़े।
तकनीकी रूप से सबसे आधुनिक चुनाव
भारत निर्वाचन आयोग ने बताया कि इस बार का बिहार चुनाव तकनीकी दृष्टि से अब तक का सबसे उन्नत चुनाव है। आयोग ने AI-आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, रियल-टाइम वेबकास्टिंग, और डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्रबंधन प्रणाली को लागू किया है। इन तकनीकों की मदद से मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। आयोग के मुताबिक, मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग से हर गतिविधि की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके।
7 देशों के चुनाव अधिकारी कर रहे निगरानी
दिलचस्प बात यह है कि इस बार बिहार चुनाव केवल भारत तक सीमित नहीं रहा। चुनाव आयोग के अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) के तहत 7 देशों के प्रतिनिधि भारत आए हैं। फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड और कंबोडिया से आए ये चुनाव अधिकारी भारत की चुनावी प्रक्रिया का अध्ययन कर रहे हैं।
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ये अधिकारी बिहार के विभिन्न जिलों में जाकर EVM, VVPAT और बूथ प्रबंधन प्रणाली को समझ रहे हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि भारत की लोकतांत्रिक और तकनीकी पारदर्शिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पहले चरण के मतदान को लेकर राज्य के सभी 18 जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ राज्य पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को भी सतर्क मोड पर रखा गया है। आयोग ने उम्मीद जताई है कि पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और ऐतिहासिक रूप से अधिकतम मतदान प्रतिशत के साथ संपन्न होगा।



