नई दिल्ली: सिखों के पहले गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में मत्था टेका। उन्होंने अरदास में भाग लिया और गुरु नानक देव जी की अनन्त शिक्षाओं के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। अध्यक्ष गुप्ता ने दिल्लीवासियों की शांति, समृद्धि और कल्याण के लिए भी मंगल कामना की।
प्रदर्शनी का भ्रमण
विजेंद्र गुप्ता ने गुरुद्वारे में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी का भी भ्रमण किया, जो गुरु नानक देव जी के जीवन और विरासत को समर्पित थी। इस प्रदर्शनी में गुरु नानक देव जी के जीवन से जुड़े दुर्लभ अभिलेखीय फोटोग्राफ, पांडुलिपियाँ और उनके उपदेशों एवं यात्राओं से संबंधित दृश्य प्रस्तुत किए गए थे। उन्होंने प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी गुरु नानक देव जी के शांति, सामाजिक सद्भाव और विश्व बंधुत्व के अमूल्य योगदान को अत्यंत सुंदर ढंग से दर्शाती है।
बंगला साहिब पर अद्भुत शांति
अपना अनुभव को साझा करते हुए गुप्ता ने कहा कि गुरुद्वारा बंगला साहिब में मत्था टेकना मेरे लिए एक अत्यंत आध्यात्मिक अनुभव रहा। इस पवित्र स्थल की शांति और पवित्रता हमें समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देती है। इस पावन अवसर पर आइए हम सभी गुरु नानक देव जी के एकता, करुणा और विश्व बंधुत्व के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।
धर्म की सीमाओं से परे शिक्षा
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “गुरु नानक देव जी का दिव्य संदेश ‘नाम जपना, किरत करनी और वंड छकना’ आज भी धर्मनिष्ठा और मानवता के पथ को आलोकित करता है। उनकी शिक्षाएं समय और धर्म की सीमाओं से परे हैं, जो हमें सत्य, विनम्रता और सेवा से युक्त जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं।”
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मानवता को सशक्त बनायें
अवसर की महत्ता पर बल देते हुए गुप्ता ने कहा कि गुरु नानक देव जी का समानता और सामाजिक न्याय का दर्शन आज के युग में भी अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति, चाहे उसका धर्म या पृष्ठभूमि कुछ भी हो, गुरु नानक देव जी की कालातीत शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज में सौहार्द और मानवता को सशक्त बना सकता है।



