मुजफ्फरपुर: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार का शोर थम गया है। अंतिम दिन सभी प्रमुख दलों के दिग्गज अपनी पूरी ताकत झोंकते नजर आए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरपुर जिले के पारू विधानसभा क्षेत्र के मानिकपुर हाई स्कूल मैदान में चिराग पासवान की जनसभा के दौरान अफरातफरी का माहौल बन गया। भीड़ ने अचानक बेकाबू होकर कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दीं और सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच तक जा पहुंची।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनसभा का समय सुबह 11 बजे तय था, लेकिन चिराग पासवान करीब पांच घंटे की देरी से शाम 4 बजे पहुंचे। इस लंबे इंतजार के कारण भीड़ का सब्र टूट गया और जैसे ही चिराग मंच पर पहुंचे, भीड़ मंच की ओर दौड़ पड़ी। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी हालात संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन हंगामा बढ़ता गया।
हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह स्थिति पर काबू पाया और चिराग पासवान ने मुश्किल से 5 मिनट का संबोधन दिया। उन्होंने मंच से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रत्याशी मदन चौधरी के पक्ष में वोट देने की अपील की और उसके बाद कार्यक्रम स्थल से निकल गए।
रवि किशन नहीं पहुंचे
इस जनसभा में अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन को भी चिराग पासवान के साथ मंच साझा करना था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके कारण भी कई समर्थकों में नाराजगी देखी गई। चिराग पासवान का यह कार्यक्रम पारू के अलावा साहेबगंज और गायघाट में भी आयोजित होना था, हालांकि देर शाम तक उनके बाकी दो स्थानों पर पहुंचने की कोई जानकारी नहीं मिली थी।
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विकास चाहिए, वादे नहीं
साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र में मतदाता अब जातीय समीकरणों से आगे बढ़कर विकास, सड़क, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी राजू सिंह अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का हवाला दे रहे हैं, वहीं राजद के पृथ्वीनाथ राय स्थानीय बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और किसानों की स्थिति को लेकर एनडीए पर सीधा हमला बोल रहे हैं।
गांवों में लोगों की चर्चा है कि “अबकी बार वादों पर नहीं, काम पर वोट मिलेगा।” यही वजह है कि साहेबगंज की जंग इस बार पूरी तरह विकास बनाम असंतोष की लड़ाई बन चुकी है।



