नई दिल्ली: उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के विभाग ने लीगल मेट्रोलॉजी (सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्र) नियम, 2013 में बड़े संशोधन किए हैं। ये माप-तौल के सिस्टम को मजबूत करेंगे, व्यापार में पारदर्शिता-सटीकता सुनिश्चित होगी। उद्देश्य: उपभोक्ता संरक्षण, कारोबार आसान बनाना और अंतरराष्ट्रीय मानक अपनाना।
18 श्रेणियों के उपकरण कवर
GATC अब 18 प्रकार के वजन-माप उपकरणों की जांच करेंगे। जैसे: वाटर मीटर, स्फिग्मोमैनोमीटर, क्लीनिकल थर्मामीटर, ऑटोमैटिक रेल वेइब्रिज, टेप मेजर, गैर-स्वचालित वजन मशीनें (क्लास III, 150 किलो तक), लोड सेल, बीम स्केल, काउंटर मशीन, सभी वेट्स, गैस मीटर, एनर्जी मीटर, मॉइस्चर मीटर, वाहन स्पीड मीटर, ब्रेथ एनालाइजर, मल्टी-डायमेंशनल इंस्ट्रूमेंट्स, फ्लो मीटर। ये स्वास्थ्य, परिवहन, ऊर्जा क्षेत्रों में सुरक्षा-गुणवत्ता बढ़ाएंगे।
निजी भागीदारी से लाभ
निजी लैब और उद्योग GATC बन सकेंगे, जांच क्षमता बढ़ेगी, पहुंच आसान, इंतजार कम। आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा। RRSL और NTH को डीम्ड GATC मानकर देशव्यापी नेटवर्क बनेगा।
उपभोक्ता व राज्य मजबूती
नियमित जांच से गलत माप रुकेगा, उपभोक्ता लाभान्वित। राज्य अधिकारी जांच-शिकायतों पर फोकस करेंगे। जिला-राज्य स्तर स्पष्टता, शुल्क समानता, सरल आवेदन, स्टाफ मानदंड, डिजिटल भुगतान से अनुपालन आसान।
मंत्री का बयान
गोवा सम्मेलन (25 अक्टूबर 2025) में प्रल्हाद जोशी ने कहा कि ये संशोधन मेट्रोलॉजी को आधुनिक बनाएंगे। उद्योग सशक्त, उपभोक्ता सुरक्षित, प्रवर्तन मजबूत। पारदर्शी-आत्मनिर्भर सिस्टम से व्यापार निष्पक्ष होगा।
वैश्विक मानक अनुरूप
OIML से मेल। भारत अब OIML प्रमाणन दे सकेगा, निर्माता घर में वैश्विक सर्टिफिकेट पाएंगे। लागत-समय बचेगा, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। ये सुधार सटीक माप लाएंगे, वैश्विक व्यापार में भारत मजबूत बनेगा।



