नई दिल्ली: सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिहिर कुमार ने भोपाल में मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अनुराग जैन से मुलाकात की। बैठक में राज्य में GeM प्लेटफॉर्म के अपनाने और उपयोग को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। GeM का मुख्य उद्देश्य सभी सरकारी खरीद के लिए एक पारदर्शी, कुशल ऑनलाइन सिस्टम देना है। यह केंद्र, राज्य मंत्रालयों, विभागों, पीएसयू, स्वायत्त निकायों, स्थानीय संस्थाओं और पंचायती राज इकाइयों के लिए काम करता है।
पारदर्शिता बढ़ाने का संकल्प
दोनों पक्षों ने राज्य में खरीद प्रक्रिया को और मजबूत, सरल बनाने की जरूरत पर जोर दिया। इससे पारदर्शिता, समावेशिता और जवाबदेही बढ़ेगी। GeM राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है ताकि सभी सार्वजनिक खरीद GeM के जरिए हो।
राष्ट्रीय रणनीति
GeM ने राज्यों में अपनाने को तेज करने के लिए सीईओ स्तर की बैठकों की शुरुआत की, खासकर उच्च जीएमवी वाले राज्यों के साथ। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा। उन्होंने राज्य खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियम (GFR) और GeM सामान्य शर्तों (GeM-GTC) से जोड़ने को कहा। गृह मंत्रालय को भी निर्देश दिया कि केंद्र शासित प्रदेशों की खरीद GeM से हो।
मध्य प्रदेश में GeM का विस्तार
मध्य प्रदेश में 86,000 से ज्यादा विक्रेता GeM पर पंजीकृत हैं। शुरुआत से अब तक राज्य के सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs) को राज्य खरीदारों से 5,523 करोड़, अन्य राज्यों से 2,030 करोड़ और केंद्र खरीदारों से 20,298 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। यह राज्य की राष्ट्रीय खरीद तंत्र में एकीकरण दिखाता है। GeM स्थानीय उद्यमों को बड़ा बाजार दे रहा है।
GeM की प्रतिबद्धता
GeM का कुल सकल वस्तु मूल्य (GMV) नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। यह मध्य प्रदेश के खरीद तंत्र को मजबूत करेगा और सभी विक्रेताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगा। GeM निष्पक्षता, डिजिटल अखंडता और समावेशिता की संस्कृति बना रहा है। छोटे और उभरते उद्यमों को भारत के पारदर्शी, तकनीकी सार्वजनिक खरीद में भाग लेने का मौका देगा। यह बैठक GeM के राज्य स्तर पर विस्तार का महत्वपूर्ण कदम है। इससे सार्वजनिक खरीद अधिक कुशल और समावेशी बनेगी।



