नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठ महापर्व की शुभ शुरुआत पर देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व रविवार को ‘नहाय-खाय’ की पवित्र रस्म से आरंभ हुआ। इस दिन से व्रतियों द्वारा व्रत की तैयारियां शुरू होती हैं और शुद्ध भोजन ग्रहण कर छठी मइया की पूजा की जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक थ्रेड के रूप में अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा, नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ आज से चार दिवसीय महापर्व छठ का शुभारंभ हो रहा है। बिहार सहित देशभर के श्रद्धालुओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को मेरा नमन और वंदन।
छठ का महत्व
प्रधानमंत्री ने कहा कि छठ महापर्व भारतीय संस्कृति की सादगी, संयम और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने लिखा, इस पर्व की पवित्रता और नियम-निष्ठा अतुलनीय है। घाटों पर दिखाई देने वाले श्रद्धा और भक्ति के दृश्य पारिवारिक और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण हैं। यह पर्व समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव का प्रेरक संदेश देता है। प्रधानमंत्री ने छठ की बढ़ती वैश्विक मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह पर्व केवल बिहार या पूर्वी भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुनिया के कोने-कोने में भारतीय परिवार छठ पूजा मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह महापर्व सूर्योपासना, प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाता है। छठ के प्रसाद में प्रकृति के अनेक रंग झलकते हैं और इसके गीतों में भक्ति के साथ-साथ प्रकृति प्रेम की अनूठी भावना होती है।
- इसको भी पढ़ें: छठ पर्व का शुभारंभ: नहाय-खाय से मन का शुद्धिकरण
PM ने की देशवासियों की समृद्धि की कामना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में बताया कि शनिवार को उन्हें बेगूसराय जाने का अवसर मिला, जहां उन्होंने छठ पर्व से जुड़े लोकसंगीत और परंपराओं का अनुभव किया। उन्होंने प्रसिद्ध लोकगायिका शारदा सिन्हा और बिहार के कलाकारों की सराहना की, जिन्होंने अपने गीतों से छठ पूजा को नई ऊंचाई दी है। अंत में प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि छठी मइया सब पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें और सभी के जीवन में खुशहाली लाएं।



