भागलपुर: बिहार चुनाव को लेकर गोड्डा सांसद और भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा और मुकेश साहनी को उप-मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किए जाने पर कहा है कि एक सीट पर दो-दो उम्मीदवार उतारने वाला गठबंधन पहले यह बताए कि नाम वापस लिया या नहीं। अगर नहीं लिया तो तेजस्वी को मुख्यमंत्री चेहरा बनाकर जनता को कौन-सा लॉलीपॉप दिखाया जा रहा है? जब किसी को सीएम फेस घोषित किया जाता है तो उसकी गारंटी भी होनी चाहिए।
मुकेश साहनी खुद चुनाव नहीं लड़ रहे, फिर डिप्टी सीएम कैसे बनेंगे?
निशिकांत दुबे ने मुकेश साहनी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा मुकेश साहनी खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, तो वह उपमुख्यमंत्री कैसे बन जाएंगे? उन्हें हमने भ्रष्टाचार के आरोप में मंत्रिमंडल से निकाला था। उनके विधायक आज हमारे साथ हैं। ऐसे में वह जब खुद विधायक दल के नेता नहीं हैं, तो उनकी पार्टी राजद में शामिल न हो जाए, इसकी क्या गारंटी है?
भ्रष्टाचार और पार्टी तोड़ने का आरोप
निशिकांत दुबे ने मुकेश साहनी को मंत्रिमंडल से हटाए जाने का कारण भी स्पष्ट किया और राजद की सहयोगी दलों को तोड़ने की पुरानी रणनीति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुकेश साहनी को हमने मंत्रिमंडल से निकाल दिया। फैक्ट यही है भ्रष्टाचार के आरोप में मुकेश साहनी को निकाल दिया गया। सांसद ने आशंका जताई कि साहनी की पूरी पार्टी चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में मिल जाएगी। उन्होंने पूछा मुकेश साहनी जब खुद ही विधायक दल का नेता नहीं होगा तो विधायक दल के साथ दूसरी पार्टी में नहीं चले जाएगा इसकी क्या गारंटी है?
उन्होंने राजद के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि वह सबसे ज्यादा अपने ही सहयोगी दल को तोड़ता है। उन्होंने ओवैसी की पार्टी के विधायकों को तोड़ने का हवाला देते हुए पूछा कि “क्या इससे लगता है कि तेजस्वी यादव मुकेश साहनी को उपमुख्यमंत्री बनने देंगे? उन्होंने कांग्रेस पर टिप्पणी करने को भी बेकार बताया क्योंकि राजद ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के खिलाफ ही उम्मीदवार उतार दिया है, जिससे पार्टी अपने अध्यक्ष की इज़्ज़त भी नहीं बचा पा रही है।
नीतीश कुमार की मजबूत पकड़ और ईमानदारी का समर्थन
निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नीतीश जी सर्वमान्य नेता हैं। हम नीतीश जी के चेहरे और मोदी जी के चेहरे पर ही चुनाव में गए हैं। उन्होंने नीतीश कुमार की मजबूत पकड़ का प्रमाण देते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री को ताकत नहीं रहती तो जहाँ भाजपा का विधायक 43,000 वोट से जीता, क्या वहां जदयू अपना उम्मीदवार उतार पाती? उन्होंने नीतीश कुमार की 20 साल के काम की सराहना की और सबसे बड़ी बात यह बताई कि उन पर किसी भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं।
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अमित शाह के बयान पर स्पष्टीकरण
अमित शाह के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा यह विधायक तय करेंगे, निशिकांत दुबे ने समर्थन करते हुए कहा कि अमित शाह का बयान टेक्निकल था, क्योंकि कोई मुख्यमंत्री बनेंगे तो यह तो विधायक ही तय करेंगे।



