नई दिल्ली: गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गौ माता को समर्पित है। इस दिन भक्त श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा को याद करते हैं और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। साथ ही, इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और धन की वृद्धि होती है। आइए जानते हैं कि गोवर्धन पूजा के दिन शिवलिंग पर किन चीजों का अर्पण करना चाहिए।
केसर युक्त दूध का अर्पण
गोवर्धन पूजा के दिन सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध चढ़ाएं। यह अर्पण न केवल भगवान शिव को प्रिय है, बल्कि इससे वैवाहिक जीवन की बाधाएं भी दूर होती हैं। केसर को समृद्धि और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन यह अर्पण करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धन-धान्य में वृद्धि होती है।
शुद्ध घी और जल से अभिषेक
धार्मिक मान्यताओं में घी को समृद्धि का प्रतीक माना गया है। गोवर्धन पूजा के दिन शिवलिंग पर शुद्ध देशी घी अर्पित करें और इसके बाद जल से अभिषेक करें। यह प्रक्रिया न केवल भगवान शिव को प्रसन्न करती है, बल्कि परिवार में आर्थिक स्थिरता और सुख को भी बढ़ावा देती है। घी का अर्पण समृद्धि और वैभव को आकर्षित करता है।
बेलपत्र पर ‘ॐ नमः शिवाय’ का अर्पण
शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना भगवान शिव की पूजा का अभिन्न हिस्सा है। गोवर्धन पूजा के दिन बेलपत्र पर चंदन या केसर से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखें और इसे शिवलिंग पर चिकने भाग की ओर से अर्पित करें। यह विधि जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में मदद करती है और परिवार में शांति लाती है।
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अन्नकूट भोग का दान
गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पर्व के रूप में भी मनाया जाता है, जहां विभिन्न प्रकार के व्यंजन और हरी सब्जियां भगवान को अर्पित की जाती हैं। इस दिन तैयार किए गए भोग में से कुछ हिस्सा, जैसे नया अनाज या हरी सब्जियां, किसी शिव मंदिर के पास दान करें। यह दान गरीबों की मदद करता है और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने में सहायक होता है।
गोवर्धन पूजा 2025 में भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा के साथ-साथ शिवलिंग पर केसर युक्त दूध, शुद्ध घी, बेलपत्र और अन्नकूट भोग का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ये सरल उपाय न केवल भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं, बल्कि आपके घर में धन-धान्य और शांति की वृद्धि भी करते हैं। इस पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाएं और अपने परिवार के लिए समृद्धि की कामना करें।



