पटना: कांग्रेस ने बिहार चुनाव को लेकर चौथी लिस्ट रविवार की देर रात जारी कर दी है। इस सूची में छह प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। इसके साथ कांग्रेस ने अब तक कुल 60 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम कए ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने दूसरे चरण के नामांकन के अंतिम देन से एक दिन पहले अपनी चौथी लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में 3 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। दूसरे चरण के नामांकन का आज अन्तिम दिन है।
किसे कहां से मिला टिकट
कांग्रेस की ओर से जारी चौथी लिस्ट में वाल्मीकि नगर से सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, अबीदुर रहमान को अररिया, अमौर से जलील मस्तान, बरारी से तौकीर आलम, कहलगांव से प्रवीण सिंह कुशवाहा और सिकंदरा विधानसभा सीट से विनोद चौधरी को टिकट दिया है। कहलगांव सीट पर कांग्रेस और RJD के बीच विवाद चल रहा है, लेकिन, कांग्रेस ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतार दिया है।
महागठबंधन में रार
बिहार में सीट बंटवारों को लेकर इंडिया गठबंधन के घटक दलों में तल्खी बढ़ गई है। इस मुद्दे पर अब प्रदेश के नेताओं के बीच
बातचीत भी लगभग बंद है। इंडिया गठबंधन में घटक दलों के बीच पूरी तरह संवादहीनता की स्थिति है। 10 सीटें पर गठबंधन के दो-दो प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। वे आमने-सामने की लड़ाई पर आमदा हैं। पहले चरण के प्रत्याशियों के नाम वापस लेने का आज (20 अक्तूबर) अन्तिम दिन है।
दूसरे चरण के नामांकन का आज अंतिम दिन
20 अक्टूबर को दूसरे चरण के नामांकन अंतिम देन है। लेकिन महागठबंधन में किस दल को कितनी और कौन-कौन सी सीटें दी गई हैं। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। इसकी वजह से बिहार की कुछ सीटों पर महागठबंधन के घटक दल एक-दूसरे के आमने-सामने हैं।
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम की मुश्किलें हुईं आसान
कुटुंबा सीट से कांग्रेस को राहत मिल गई है। आरजेडी ने इस सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। इस फैसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और कुटुंबा से कांग्रेस उम्मीदवार राजेश राम चैन की सांस लेंगे। आरजेडी की 143 उम्मीदवारों की सूची में कुटुंबा सीट शामिल नहीं है, जिससे कांग्रेस के लिए मुकाबला आसान हो गया है। औरंगाबाद जिले की कुटुंबा सीट से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। आरजेडी के द्वारा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण कांग्रेस और उनके प्रदेश अध्यक्ष ने राहत की सांस ली है।
कई सीटों पर महागठबंधन में फ्रेंडली फाइट
महागठबंधन में भीतर फ्रेंडली फाइट की बात करेंतो भाकपा-कांग्रेस और राजद-वीआईपी के बीच भी टकराव के संकेत सामनेआ रहे हैं। कहलगांव, वैशाली, लालगंज, वारिसलीगंज, सिकंदरा में राजद और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने हैं। बछवाड़ा में कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार घोषित होने के बाद भाकपा ने भी राजापाकड़, रोसड़ा और बिहारशरीफ से प्रत्याशी उतार दिए हैं। तारापुर में राजद-वीआईपी आमने-सामने हैं, जबकि अन्य घटक दलों के कार्यकर्ता मौन हैं। महागठबंधन के शीर्ष नेता डैमेज कंट्रोल में लगे हैं, लेकिन खुलकर किसी भी पक्ष ने सहमति नहीं जताई है, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम और असमंजस बना हुआ है।



