23 साल की सेवा का ‘इनाम’: टिकट कटा तो प्रीति शेखर ने कटाई NR

भागलपुर में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। अश्विनी चौबे के बेटे के बाद अब भाजपा मीडिया पैनलिस्ट और पूर्व वार्ड पार्षद प्रीति शेखर ने पार्टी से बगावत कर दी है। टिकट न मिलने से नाराज प्रीति शेखर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया और नामांकन रसीद कटवा ली है। जानें पूरी खबर और भाजपा पर इसका असर।

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भागलपुर। भागलपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा रोहित पांडे को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे के बाद अब बीजेपी की कद्दावर नेत्री और मीडिया पैनलिस्ट प्रीति शेखर ने भी पार्टी से बगावत कर दी है। प्रीति शेखर ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए एनआर (नामांकन रसीद) कटवा लिया है।

पार्टी में लंबे समय से सक्रिय रहीं और टिकट की प्रबल दावेदार मानी जा रहीं प्रीति शेखर को टिकट नहीं मिलने से उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। प्रीति शेखर ने साफ कर दिया है कि वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करेंगी।

23 साल की सेवा और बगावत का फैसला

प्रीति शेखर ने अपने इस निर्णय के बारे में कहा, “मैंने पार्टी में 23 साल से सेवा की है, लेकिन कुछ फैसले ईश्वर के होते हैं, कुछ राजनीतिक पार्टी के तो कुछ फैसले अपने होते हैं। मेरे अपने और अपनों का फैसला है कि चुनाव लड़ें।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने एनआर कटवा लिया है और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन करेंगी।

कौन हैं प्रीति शेखर?

प्रीति शेखर भूतपूर्व शिक्षा मंत्री गुणेश्वर सिंह की परपौत्र और मृणाल शेखर की पत्नी हैं। राजपूत जाति से आने वाली प्रीति शेखर की फॉरवर्ड वोटर्स, खासकर महिला वोटर्स में अच्छी पकड़ मानी जाती है। वह वर्तमान में वार्ड 19 की वार्ड पार्षद हैं और भाजपा की मीडिया पैनलिस्ट भी हैं। वह प्रदेश कार्य समिति सदस्य के पद पर भी रह चुकी हैं। प्रीति शेखर ने 2003 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की छात्र राजनीति से भाजपा में कदम रखा था। अपने राजनीतिक करियर में वह 4 बार वार्ड पार्षद, एक बार डिप्टी मेयर, और भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रह चुकी हैं।

रोहित पांडे का टिकट और अंदरूनी कलह

भागलपुर सीट पर भाजपा ने इस बार फिर रोहित पांडे को चुना है। प्रीति शेखर और अश्विनी चौबे के बेटे का निर्दलीय मैदान में आना, यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर गहरी फूट है। लगातार तीन बार इस सीट से हार चुकी भाजपा के लिए दो प्रमुख नेताओं की यह बगावत बड़ी चुनौती पेश कर सकती है।

भाजपा से निकलकर अब तक दो मुख्य नेताओं ने बगावत कर दी है, जिससे भागलपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। इस बगावत का भाजपा के चुनावी नतीजों पर क्या असर होगा, यह फैसला 14 नवंबर को ही होगा।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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