नई दिल्ली: सुल्तान जोहोर कप (Sultan Johor Cup) हॉकी टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में मंगलवार को भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच खेला गया मैच बेहद रोमांचक रहा। मुकाबला 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ। भारत की जूनियर टीम ने मैच में दो गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए बढ़त हासिल की, लेकिन अंतिम समय में पाकिस्तान ने बराबरी का गोल कर मुकाबले को ड्रॉ पर समाप्त किया। इस परिणाम के साथ भारत टूर्नामेंट में अब तक अजेय बना हुआ है।
गोल करने वाले खिलाड़ियों का प्रदर्शन
भारतीय टीम की ओर से अरिजीत सिंह हुंडल (Arijit Singh Hundal) (43वां मिनट), सौरभ आनंद कुशवाहा (47वां मिनट) और मनमीत सिंह (53वां मिनट) ने गोल किए। दूसरी ओर पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद (5वां मिनट) ने शुरुआती गोल किया, जबकि सूफियान खान (39वां और 55वां मिनट) ने दो गोल दागे। मैच के पहले हाफ में पाकिस्तान ने दबदबा बनाए रखा था, लेकिन दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय वापस पाई और लगातार आक्रामक खेल दिखाया।
मैदान पर खेल भावना की मिसाल
दिलचस्प बात यह रही कि मुकाबले की शुरुआत से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और मैच खत्म होने के बाद ‘हाई फाइव’ देकर खेल भावना की शानदार मिसाल पेश की। हाल ही में क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच मैच के दौरान या बाद में हाथ न मिलाने की घटनाएं देखने को मिली थीं, लेकिन हॉकी खिलाड़ियों ने बिल्कुल विपरीत उदाहरण प्रस्तुत किया।
टीम इंडिया का अब तक का सफर
इस ड्रॉ के बाद भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में तीन मैचों में से दो जीते हैं और एक ड्रॉ खेला है। टीम ने अपने पिछले मुकाबलों में मलेशिया और न्यूजीलैंड को हराया था। कोच और सपोर्ट स्टाफ ने खिलाड़ियों की वापसी की सराहना करते हुए कहा कि टीम का प्रदर्शन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है और आगे के मैचों में यह संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।
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आगे की चुनौती
भारत का अगला मुकाबला ग्रुप चरण में दक्षिण कोरिया से होगा, जो टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती पेश करने वाली टीम मानी जाती है। भारतीय टीम अब तक अपने आक्रामक खेल और टीमवर्क की बदौलत अजेय बनी हुई है। कोचिंग स्टाफ का ध्यान अगले मैचों में डिफेंस को और मजबूत करने पर रहेगा ताकि टीम जीत की राह पर लौट सके।
भारत और पाकिस्तान के बीच यह मुकाबला न केवल स्कोर की बराबरी के कारण यादगार रहा, बल्कि खेल भावना के लिए भी सराहा गया। दोनों देशों के खिलाड़ियों ने यह साबित किया कि खेल प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ स्पोर्ट्समैनशिप और सम्मान भी उतना ही जरूरी है। सुल्तान जोहोर कप में भारत की युवा टीम ने यह दिखाया कि संघर्ष, संयम और एकजुटता से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।



