नई दिल्ली: हॉलीवुड सिनेमा की दुनिया में एक दुखद खबर ने सबको झकझोर दिया है। मशहूर अभिनेत्री डाएन कीटन, जिन्हें ‘द गॉडफादर ट्रिलॉजी’ और ‘एनी हॉल’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, अब हमारे बीच नहीं रहीं। 79 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर ने न केवल हॉलीवुड बल्कि वैश्विक सिनेमा जगत को गहरे दुख में डुबो दिया। डाएन की अभिनय कला, उनकी बेमिसाल शैली और सादगी ने उन्हें हर पीढ़ी के दर्शकों का चहेता बनाया था।
‘एनी हॉल’ के लिए मिला था ऑस्कर
डाएन कीटन ने अपने करियर में 60 से अधिक फिल्मों में काम किया और अपनी अदाकारी से दुनियाभर में नाम कमाया। साल 1977 में रिलीज हुई रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘एनी हॉल’ में उनके किरदार ने उन्हें ऑस्कर अवॉर्ड दिलाया। इस फिल्म में उनकी जीवंत और स्वाभाविक अभिनय शैली ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। अभिनय के अलावा डाएन एक कुशल निर्देशक, निर्माता, फोटोग्राफर और लेखिका भी थीं। उनकी रचनात्मकता और बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें सिनेमा जगत में एक अनूठा मुकाम दिलाया।
बॉलीवुड सितारों ने दी श्रद्धांजलि
डाएन के निधन से बॉलीवुड में भी शोक की लहर है। प्रियंका चोपड़ा और करीना कपूर ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें साझा कर उनके योगदान को याद किया। प्रियंका ने लिखा कि डाएन की फिल्में हमेशा प्रेरणा देती रहेंगी, वहीं करीना ने उनकी सादगी और अभिनय की तारीफ की। इन पोस्ट्स को प्रशंसकों ने खूब पसंद किया और अपने-अपने तरीके से दुख व्यक्त किया।
निजी जिंदगी: बिना शादी के दो बच्चों की मां
डाएन की निजी जिंदगी भी उनकी फिल्मों की तरह प्रेरणादायक थी। उन्होंने कभी शादी नहीं की, लेकिन दो बच्चों, डेक्सटर और ड्यूक को गोद लिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके बच्चे उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा बदलाव थे। डाएन ने कहा था कि मैं हमेशा अपनी दुनिया में खोई रहती थी, लेकिन मेरे बच्चों ने मुझे जिंदगी का असली मकसद सिखाया। उनके निधन से उनके बच्चों को गहरा आघात पहुंचा है।
डाएन कीटन का जाना सिनेमा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी फिल्में, उनकी कहानियां और उनका व्यक्तित्व हमेशा सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेगा। उनके प्रशंसक और सहकलाकार उन्हें एक ऐसी शख्सियत के रूप में याद करेंगे, जिसने अपनी कला से दुनिया को प्रेरित किया।
डाएन कीटन की विरासत
डाएन कीटन का जाना सिनेमा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी फिल्में, उनकी कहानियां और उनका व्यक्तित्व हमेशा सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेगा। उनके प्रशंसक और सहकलाकार उन्हें एक ऐसी शख्सियत के रूप में याद करेंगे, जिसने अपनी कला से दुनिया को प्रेरित किया।



