पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने राज्य में दो चरणों में मतदान की तिथियां तय की हैं, पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर, जबकि नतीजे 14 नवंबर को घोषित होंगे। इसी बीच जारी कई प्रमुख ओपिनियन पोल्स ने बिहार की सियासत को और दिलचस्प बना दिया है। अधिकांश सर्वेक्षणों में एनडीए गठबंधन को बहुमत की संभावना जताई गई है, जबकि मुख्यमंत्री पद की रेस में तेजस्वी यादव आगे दिखाई दे रहे हैं।
लोकपाल सर्वे: महागठबंधन बहुमत के करीब
लोकपाल के प्री-पोल सर्वे के अनुसार महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-वाम दल) को 118-126 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत (122) के बिल्कुल करीब है। एनडीए को 105-114 सीटें, जबकि अन्य दलों को 2-5 सीटें मिलने का अनुमान है। सर्वे के मुताबिक, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दे जद(यू) के लिए चुनौती बन सकते हैं। रिपोर्ट कहती है कि यदि महागठबंधन एकजुट रहा, तो वह सत्ता तक पहुंच सकता है।
टाइम्स नाउ-जेवीसी पोल: एनडीए को बढ़त, भाजपा मजबूत स्थिति में
टाइम्स नाउ-जेवीसी के सर्वे के अनुसार, एनडीए को 131-150 सीटें मिलने का अनुमान है, जिनमें भाजपा को 66-77 सीटें और जद(यू) को 52-58 सीटें मिलने की अनुमान है। वहीं, महागठबंधन को 81-103 सीटें और जन सुराज व अन्य दलों को 9-12 सीटें मिलने का अनुमान है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, एनडीए की एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है, हालांकि जन सुराज कुछ सीटों पर सरप्राइज दे सकती है।
आईएएनएस-मैट्रिज सर्वे: एनडीए को 150-160 सीटें, मोदी फैक्टर हावी
सबसे ताजा सर्वे आईएएनएस-मैट्रिज का है (18 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच), जिसमें एनडीए को 150-160 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। भाजपा को 80-85 सीटें जबकि जद(यू) को 60-65 सीटें मिलने का अनुमान है। महागठबंधन को 70-85 सीटें, और अन्य दलों को 7-10 सीटें मिलने का अनुमान है। इस सर्वे में 57 फीसदी मतदाताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव बड़ा असर डालेगा। सीएम पसंद में नीतीश कुमार 42 फीसदी, जबकि तेजस्वी यादव 15 फीसदी पर दूसरे स्थान पर रहे।
तीनों सर्वे में अनुमानित सीटों का बंटवारा (कुल 243 सीटें)
| गठबंधन/दल | लोकपाल | टाइम्स नाउ-जेवीसी | आईएएनएस-मैट्रिज |
|---|---|---|---|
| एनडीए | 105-114 | 131-150 | 150-160 |
| – भाजपा | — | 66-77 | 80-85 |
| – जद(यू) | — | 52-58 | 60-65 |
| महागठबंधन | 118-126 | 81-103 | 70-85 |
| – आरजेडी | — | 52 | 60-65 |
| – कांग्रेस | — | 10 | 7-10 |
| अन्य दल | 2-5 | 9-12 | 7-10 |
प्रमुख मुद्दे: बेरोजगारी, पलायन और कानून-व्यवस्था
सर्वे में बेरोजगारी (24 फीसदी) और भ्रष्टाचार (10 फीसदी) को शीर्ष मुद्दे बताया गया है। करीब 75 लाख बिहारी युवा दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं। एनडीए विकास और महिला सशक्तिकरण पर फोकस कर रहा है, जबकि महागठबंधन नौकरी और सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। विशेष गहन संशोधन (SIR) पर 58 फीसदी मतदाता सहमत हैं, लेकिन विपक्ष इसे ‘एनडीए का राजनीतिक हथकंडा’ बता रहा है।
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14 नवंबर को जनता लेगी फैसला
विश्लेषकों का मानना है कि इस बार चुनाव में मोदी फैक्टर और तेजस्वी की युवा अपील निर्णायक साबित हो सकती है। बिहार के 7.6 करोड़ मतदाता (जिनमें 3.5 करोड़ महिलाएं) शामिल हैं। अगर एनडीए की एकजुटता बनी रही तो सत्ता में वापसी लगभग तय है, लेकिन महागठबंधन का मुस्लिम-यादव-दलित समीकरण बड़ा उलटफेर कर सकता है।



