नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (NIA) सुशासन माह के तहत 10 अक्टूबर को एक बड़ी प्रदर्शनी का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में होगा। प्रदर्शनी का नाम ‘सुशासन और अभिलेख 2025’ है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। इस प्रदर्शनी का इसका उद्देश्य स्वच्छता, पारदर्शिता और सुशासन के महत्व को उजागर करना है।
इसमें 2021 से 2025 के बीच विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी संस्थाओं द्वारा भेजे गए 75 हजार 500 से अधिक ऐतिहासिक और मूल्यवान दस्तावेजों को प्रदर्शित किया जाएगा, जो भारत के प्रशासनिक विकास और शासन व्यवस्था की प्रमुख उपलब्धियों को दर्शाते हैं। दस्तावेजों में राष्ट्रपति सचिवालय, भारत निर्वाचन आयोग, गृह मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय शामिल हैं। प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाले मंत्रालय और विभागों में संसदीय कार्य मंत्रालय, वाणिज्य तथा उद्योग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, विधि तथा न्याय मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, रेल मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार शामिल हैं।
एनएआई के पास 34 करोड़ से ज्यादा अभिलेख
आपको बता दें कि राष्ट्रीय अभिलेखागार प्राधिकरण (एनएआई) के पास वर्तमान में 34 करोड़ से ज्यादा सार्वजनिक अभिलेख हैं, जिनमें आधिकारिक फाइलें, खंड, मानचित्र, संधियां, दुर्लभ पांडुलिपियां, निजी दस्तावेज, मानचित्र संबंधी अभिलेख, राजपत्र, जनगणना रिपोर्ट, विधानसभा और संसदीय बहसें, और प्रतिबंधित साहित्य शामिल हैं। इस संग्रह में संस्कृत, फारसी, उड़िया और अन्य भाषाओं में प्राच्य अभिलेखों का एक समृद्ध भंडार भी शामिल है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की प्रशासनिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करता है।
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अटल बिहारी वाजपेयी और अब्दुल कलाम को समर्पित है प्रदर्शनी
इस प्रदर्शनी को पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को समर्पित किया गया है, जो भारत के विकास और युवा सशक्तिकरण के प्रेरक रहे हैं। यह आयोजन भारत की शासन व्यवस्था और अभिलेखीय संरक्षण की यात्रा को आम जनता के सामने लाने का अवसर देगा।



