नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर तंबाकू का उपयोग कम हो रहा है, लेकिन यह महामारी अभी खत्म नहीं हुई। साल 2000 में जहां 1.38 अरब लोग तंबाकू का सेवन करते थे, 2024 में यह संख्या घटकर 1.2 अरब रह गई। पिछले 24 वर्षों में 12 करोड़ लोगों ने तंबाकू छोड़ा, जो 27% की कमी दर्शाता है। फिर भी, हर पांच में से एक वयस्क आज भी तंबाकू या निकोटिन उत्पादों का आदी है। डब्ल्यूएचओ ने 2025 तक 30% कमी का लक्ष्य रखा था, लेकिन अभी पांच करोड़ उपयोगकर्ता इस लक्ष्य से पीछे हैं।
ई-सिगरेट: नया उभरता खतरा
रिपोर्ट में पहली बार ई-सिगरेट के उपयोग पर चिंता जताई गई। विश्व भर में 10 करोड़ से ज्यादा लोग ई-सिगरेट का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें 8.6 करोड़ वयस्क, खासकर विकसित देशों में और 1.5 करोड़ किशोर (13-15 वर्ष) शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी कि ई-सिगरेट युवाओं और बच्चों को नशे की ओर धकेल रही है, जो एक नई स्वास्थ्य चुनौती बन रही है।
लैंगिक और क्षेत्रीय अंतर
महिलाओं ने तंबाकू छोड़ने में पुरुषों से बेहतर प्रगति दिखाई है। 2010 में 11% महिलाएं तंबाकू का उपयोग करती थीं, जो 2024 में घटकर 6.6% रह गया। पुरुषों में यह आंकड़ा 41.4% से 32.5% तक कम हुआ, फिर भी एक अरब पुरुष तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर, दक्षिण-पूर्व एशिया में पुरुषों में तंबाकू उपयोग 70% से घटकर 37% हुआ, जो उल्लेखनीय प्रगति है। अमेरिका में 36% की कमी सबसे तेज रही, जबकि यूरोप में तंबाकू उपयोग अब भी 24.1% है, जहां महिलाओं में धूम्रपान की दर (17.4%) सबसे ज्यादा है। अफ्रीका में उपयोग कम (9.5%) है, लेकिन जनसंख्या वृद्धि के कारण कुल संख्या बढ़ रही है।
WHO की सलाह और भविष्य की राह
डब्ल्यूएचओ ने सरकारों से तंबाकू नियंत्रण नीतियों को सख्त करने का आग्रह किया। इसमें कर बढ़ाना, विज्ञापनों पर प्रतिबंध और तंबाकू छोड़ने की सेवाओं का विस्तार शामिल है। विशेषज्ञ डॉ. जेरेमी फैरार ने कहा कि तंबाकू के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी गई, लेकिन जब तक हर पांचवां व्यक्ति इसकी चपेट में है, यह जंग अधूरी रहेगी।



