नई दिल्ली: देशभर में आज दशहरा मनाया जा रहा है। मान्यता है कि अश्विन शुक्ल मास के दशमी तिथि पर भगवान राम ने प्रदोष काल में रावण का वध किया था। इसलिए इस दिन रावण के पुतलों का दहन किया जाता है। प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद प्रारंभ होता है। इस दिन शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस दिन शमी के पेड़ की पूजा और शस्त्र पूजा भी की जाती है। राजस्थान के कोटा में विश्व के सबसे ऊंचे 221 फीट के रावण का दहन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली की श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ में शामिल होंगे। यहां 72 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा। वहीं बिहार की राजधानी पटना का गांधी मैदान एक बार फिर भव्य रावण दहन का गवाह बनेगा। इस बार का आयोजन विशेष है क्योंकि यहां 80 फीट ऊँचे रावण, 75 फीट ऊंचे मेघनाथ और 70 फीट ऊंचे कुंभकरण के पुतले का दहन किया जाएगा। इधर, हिमाचल प्रदेश के मनाली में हिडिम्बा देवी की विदाई के साथ ही कुल्लू घाटी में अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव की शुरुआत हुई। शोभायात्रा के ढालपुर मैदान पहुंचते ही दशहरा उत्सव शुरू हो जाएगा, जो 7 दिन तक चलेगा। गुजरात, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश समेत कई राज्यों में दशहरे का पर्व मनाया जा रहा है। कई शहरों शाम तक रावण दहन होगा। दुर्गा पंडालों में रखी गई देवी प्रतिमाओं का विसर्जन भी होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रावण वध करेंगे
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले राजधानी पटना का गांधी मैदान आज फिर एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजन का गवाह बनेगा। विजयादशमी के मौके पर होने वाले रावण वध और दशहरा महोत्सव में इस बार भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल होंगे। खास बात यह है कि सीएम लगातार 19वीं बार इस आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं।
2005 से हर साल रावण दहन करते हैं सीएम नीतीश
2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही नीतीश कुमार ने हर साल गांधी मैदान में दशहरा और रावण दहन कार्यक्रम में भाग लेना अपनी परंपरा बना लिया है। वो हर वर्ष रावण का वध करते हैं, जनता के बीच यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मुख्यमंत्री का जनता से जुड़ाव के रूप में देखा जाता है। पिछले साल 2024 में भी सीएम ने तीर धनुष चलाकर रावण वध किया था। इस बार भी वही परंपरा निभाई जाएगी, हालांकि इंतजाम और भी खास बनाए गए हैं।
हाईटेक तकनीक आसमान रंगीन रोशनी और आतिशबाजी से होगा जगमगा
इस बार रावण का पुतला खास तरीके से तैयार किया गया है। रावण दहन की प्रक्रिया को और आकर्षक बनाने के लिए रिमोट कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है। एक क्लिक पर पुतले में आग लग जाएगी और आसमान रंगीन रोशनी और आतिशबाजी से जगमगा उठेगा। रावण के कानों और कंधों से निकलने वाला रंगीन धुआं इस बार की सबसे बड़ी खासियत होगी। आयोजकों के मुताबिक यह धुआं दर्शकों को एक नए तरह का रोमांचक अनुभव देगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़
गांधी मैदान में दशहरे के इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतज़ाम किए हैं ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।



