नई दिल्ली: CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2026 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का अस्थायी कैलेंडर जारी कर दिया है। यह कदम छात्रों को समय पर तैयारी का मौका देगा। परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 15 जुलाई 2026 तक पूरी होंगी। खास बात यह है कि 10वीं की परीक्षाएं दो हिस्सों में होगी, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है। इससे छात्रों को कम दबाव में बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।
10वीं की परीक्षाएं: पहला और दूसरा चरण
कक्षा 10वीं के लिए मुख्य परीक्षाएं (पहला चरण) 17 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक चलेंगी। गणित जैसे विषयों से शुरुआत होगी और भाषा पेपर्स के साथ समाप्त हो जाएगी। दूसरा चरण, जो पूरक या अतिरिक्त परीक्षा का रूप लेगा, 15 मई से 1 जून तक आयोजित होगा। यह व्यवस्था उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी जो पहले प्रयास में संतुष्ट न हों। परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगी, हालांकि कुछ विषयों के लिए समय कम हो सकता है।
12वीं की परीक्षाएं: एकल चरण में पूरी प्रक्रिया
कक्षा 12वीं के लिए परीक्षाएं 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक होंगी। विज्ञान स्ट्रीम में भौतिकी 20 फरवरी, रसायन विज्ञान 28 फरवरी और जीव विज्ञान 27 मार्च तक चलेगा। कॉमर्स और आर्ट्स के विषय भी इसी अवधि में कवर होंगे। यह चरण एकल रहेगा, लेकिन छात्रों को प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों पर फोकस करने की जरूरत होगी। विदेशों में भी 26 देशों के 204 विषयों पर परीक्षाएं होंगी।
मूल्यांकन और परिणाम: तेजी से प्रक्रिया
परीक्षाओं के बाद मूल्यांकन में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। हर विषय की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन परीक्षा के 10 दिन बाद शुरू होगा और 12 दिनों में पूरा हो जाएगा। मिसाल के तौर पर, अगर 12वीं की भौतिकी परीक्षा 20 फरवरी को होती है, तो चेकिंग 3 मार्च से शुरू होकर 15 मार्च तक खत्म हो जाएगी। इससे परिणाम जल्दी घोषित होंगे, संभवतः जून 2026 तक हो जाएंगे। खेल छात्रों के लिए विशेष स्लॉट और दिव्यांगों के लिए सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
लगभग 45-46 लाख छात्र इन परीक्षाओं में हिस्सा लेंगे। बोर्ड ने स्कूलों से अंतिम सूची जमा करने के बाद फाइनल शेड्यूल जारी करने की बात कही है, इसलिए नियमित अपडेट चेक करें। छात्रों को सलाह है कि प्रैक्टिकल, असाइनमेंट और रिवीजन पर ध्यान दें। यह बदलाव शिक्षा प्रणाली को और समावेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।



