गया: देश को हिन्दु राष्ट्र बनाने से जुड़े बयानों को लेकर साल दो साले से चर्चा में रहे 29 साल के हिन्दु कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर ने पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा इसी वर्ष 22 अप्रैल को किए गए पहलगाम हमले के चंद महीने बाद ही भारत-पाकिस्तान के बीच रविवार को खेले गए मैच का कड़ा विरोध किया है। सोमवार को गया में हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि जिन लोगों ने माता-बहनों का श्रृंगार छीन लिया, उनके साथ खेल और मेल कैसा।
बाबा बागेश्वर गया में चल रहे पितृपक्ष मेले के दौरान तीन दिवसीय दौरे पर बोध गया पहुंचे थे। दौरा खत्म कर गया से कोलकाता के लिए हवाई जहाज पकड़ने के पूर्व वह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले बोधगया के संबोधि रिसोर्ट में ठहरकर उन्होंने भक्तों की भीड़ के बीच विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान और कथा वाचन भी किया था। बाबा के साथ सोमवार को बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी और हिन्दु कथावाचक श्रीबालक योगेश्वर दास महाराज भी थे। उन्होंने इस दौरान अपने भक्तों से आगामी नवम्बर माह में भारत को हिन्दु राष्ट्र बनाने के लिए शुरु होने वाली पद यात्रा में भी शामिल होने की अपील की। यह यात्रा दिल्ली में होगी।
एशिया कप में भिड़े थे भारत और पाक
बता दें कि एशिया कप 2025 के ग्रुप-ए के मुकाबले में भारत और पाक की क्रिकेट टीम रविवार को भिड़ी थी। बाबा बागेश्वर का यह बयान तब आया है जब खेल मुकाबला शुरु होने के पहले देश में पाकिस्तानी आतंकवादियों की करतूतों से बने माहौल के बीच इस तरह के मैच के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट ट्रेंड कर रहे थे। भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते अच्छे नहीं होने की वजह से क्रिकेट का यह मैच न्यूट्रल वेन्यू कहे जाने वाले युएई के खेल स्टेडियम में हुआ था। इस मुकाबले में भारत के खिलाड़ियों ने जीत दर्ज की थी।
चुनाव पर क्या होगा असर
बिहार में दो महीने बाद होने वाले चुनाव के ठीक पहले सामने आए बाबा के इस बयान से भाजपा और उसके सहयोगी दलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिहार में बाबा के भक्तों में शामिल युवाओं की बड़ी संख्या पहले ही मैच को लेकर सोशल मीडिया पर अपना विरोध दर्ज करा चुकी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत सरकार का स्वदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान के साथ मैच में उतारने का फैसला चुनाव पर क्या असर डालेगा।
पहलगाम हमले का क्या है कनेक्शन
बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में गत 22 अप्रैल को बेरहम आतंकवादियों ने एक साथ 26 व्यक्तियों की हत्या कर दी थी। इस आतंकवादी घटना में मारे गए तमाम लोग पुरूष थे। भारत की ओर से पाकिस्तानी आतंकवादियों को इस खूनी हमले का जिम्मेवार बताते हुए 6-7 मई की दरमियानी रात को ऑपरेशन सिंदूर भी शुरु किया गया था। चार दिनों की लड़ाई के बाद हालांकि भारत ने यह युद्ध रोक दिया था। जाहिर है इस घटना से पाकिस्तान के साथ पहले से ही खराब चल रहे रिश्ते में और कड़वाहट आ गई थी। तब भारत सरकार का यह जुमला भी उछला था कि टेरर और टॉक एक साथ नहीं चल सकता। ऐसे में भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के मुकाबले के निर्णय ने देश को चौंका भी दिया था।
बुंदेली, हिन्दी और संस्कृत की मिश्रित जबान में कथावाचन करने वाले बागेश्वर बाबा के ताजा बयान से मैच की मुखालफत करने वाले लोगों को बल मिला है।
कौन हैं बाबा बागेश्वर
वर्ष 1996 में जन्म लेने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर हैं और अपनी मोहक शैली में कथा वाचन करने के कारण देश-विदेश में विख्यात हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में जन्मे बाबा बागेश्वर के बारे में कहा जाता है कि अपने दादा सेतुलाल गर्ग द्वारा समाधि लेने के बाद वह बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर बने थे। वर्ष 2016 में एक विशाल यज्ञ के आयोजन के साथ यह धाम चर्चा में आया था। यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने लाखों युवा फॉलोवर्स के साथ जुड़े रहने वाले बाबा दिव्य दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं बिना बताए जान लेने और उसका समाधान करने का दावा करते हैं। दिव्य दरबार में शामिल होने के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। पिछले वर्ष राजस्थान में आयोजित दिव्य दरबार के दौरान उन्होंने पहली बार कहा था कि भारत हिन्दु राष्ट्र बनकर रहेगा। उसके बाद कई दफे उन्होंने यह बात दुहरायी है। चमत्कार का दावा करने वाले बाबा को तर्कवादियों की ओर से अंधविश्वास फैलाने के लिए आलोचनाएं भी झेलनी पड़ी हैं।



