नेपाल में अंतरिम सरकार पर सस्पेंस बरकरार, Gen Z गुटों में हाथापाई

नेपाल में उबाल से ठप हुआ इंडो-नेपाल आयात-निर्यात, करोबारियों का अरबों रुपये का माल रास्ते और गोदामों में फंसा। दिल्ली समेत देश के व्यापारी चिंतित

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नई दिल्ली: नेपाल में नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। कई बैठकों के बाद भी नए प्रधानमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। Gen Z के दो गुट आपस में बंट गए हैं। सेना मुख्यालय के बार जेएन-जी के दो गुटों में जमकर हाथापाई हुई, जिसमें कई युवक घायल हुए। जेएन-जी के एक गुट ने अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए सुशीला कार्की के नाम को खारिज कर दिया है। यह गुट बालेन शाह या किसी अन्य को प्रधानमंत्री बनाने की मांग कर रहा है। दूसरी तरफ नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के पूर्व सीईओ कुलमन घिसिंग का नाम भी तेजी से उभरा है। इस बीच जेन-जी के विरोध प्रदर्शन के चलते भारत-नेपाल सीमा पर जोगबनी स्थिति एकीकृत चेकपोस्ट पर व्यापार दो दिनों से ठप है। यहां से रोजाना करीब 500 मालवाहक वाहन आईसीपी से गुजरते थे, लेकिन अभी सभी रूके हुए हैं। इससे करोड़ों रुपये का आयात-निर्यात प्रभावित हो रहा है। नेपाल समेत सीमा क्षेत्र कारोबार चरमराने लगा है।

कस्टम एवं आईसीपी प्रबंधन का रुख

आईसीपी के प्रबंधक रत्नाकर यादव ने कहा कि नेपाल के हालात के कारण आयात-निर्यात  पूरी तरह ठप है। प्रतिदिन करीब 500 मालवाहक वाहन आईसीपी से गुजरते हैं, लेकिन अब सभी रुके पड़े हैं। धीरे-धीरे आईसीपी के बाहर वाहनों की लंबी कतार लगने लगी है। आईसीपी के बैरियर को गिरा दिया गया है। वहीं कस्टम के सहायक आयुक्तयु अमरदीप हेंब्रम ने कहा कि नेपाल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालात सामान्य होने के बाद ही आयात-निर्यात बहाल किया जाएगा।

नेपाल के हालात से दिल्ली समेत देश के व्यापारी चिंतित, करोड़ों का माल फंस

नेपाल में बिगड़े हालातों का असर गोरखपुर के बाजार पर है। दशहरा पर्व के लिए नेपाल को पूजन सामग्री नहीं जा पा रही है। कारोबारियों का करोड़ों रुपये के आर्डर मिले थे, पर पड़ोस देश में हालात ठीक नहीं होने की वजह से माल गोदामों पड़े हैं। व्यापारी स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

कारोबारियों का कहना है कि आर्डर पहले से ही मिल चुके थे और ग्राहकों की मांग के अनुसार लाखों रुपये के माल तैयार करवा लिया गया था। लेकिन परिवहन और सीमा पर आ रही दिक्कतों के कारण पूजन सामग्री नेपाल तक नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में व्यापारियों की नजर अब नेपाल की स्थिति सामान्य होने पर टिकी है, ताकि समय रहते व्यापारिक गतिविधियां पटरी पर लौट सकें।

हालात नहीं सुधरे तो होगा नुकसान

चैंबर आफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष व फलाहारी सामग्री के थोक कारोबारी अनूप किशोर अग्रवाल का कहना है कि सोमवार से नेपाल में बदले हालात के बाद माल भेजना संभव नहीं हो पा रहा है। इस बार हमने अहमदाबाद, सेलम व इंदौर से 30 लाख के साबुदाना पापड़, आलू चिप्स, आलू चिप्स व रामदाना आदि मंगा लिए हैं। त्योहारी सीजन में इन सामग्रियों की अच्छी मांग रहती है। हालात नहीं सुधरे तो नुकसान होगा।

सीटीआई की पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग

दिल्ली और देश के व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री  के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि नेपाल के हालात ने दिल्ली और देश के व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है और यहां के व्यापारी, नेपाल के अपने साथी व्यापारियों से फोन और मैसेज करके हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने मामले में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

2024-25 में लगभग 7335 मिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया था

गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 7335 मिलियन डॉलर का सामान निर्यात किया था। इनमें 2.19 अरब डॉलर के पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स, 700 मिलियन डॉलर के स्टील आयरन, 429 मिलियन डॉलर के मशीनरी बॉयलर्स,  353 मिलियन डॉलर की गाडिय़ां और मोटर पार्ट्स का निर्यात किया गया। इसके अलावा भारत से नेपाल को बिजली, तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, रबर, पेपर, एल्यूमिनियम भी बड़े पैमाने पर निर्यात होता है। अरबों रुपए की पेमेंट दिल्ली और देश के व्यापारियों की नेपाल में फंसी हुई है और व्यापारियों को पैसे डूबने का डर सता रहा है।

दोनों देशों की भाषा, संस्कृति एक जैसी है

बृजेश गोयल ने बताया कि नेपाल भारत से एकदम सटा होने और दोनों देशों की भाषा, संस्कृति एक जैसी होने से नेपाल के व्यापारियों और कंपनियों को भारत से सामान खरीदना ज्यादा सुविधाजनक लगता है। इसी कारण दिल्ली और देश के व्यापारियों की रूचि में नेपाल में सामान भेजने में रहती हैं लेकिन वहां के वर्तमान हालात से व्यापारियों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ गई हैं।

पुरानी दिल्ली से जाता है काफी सामान जाता है नेपाल : पम्मा

सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा के अनुसार सदर बाजार सहित पुरानी दिल्ली से नेपाल में काफी मात्रा में सामान जाता है। सदर बाजार दिल्ली का एक प्रमुख थोक बाजार है जो अपने विविध उत्पादों के लिए जाना जाता है। यह बाजार नेपाल सहित अन्य देशों में भी अपने उत्पादों का निर्यात करता है। सदर बाजार में गृहस्थी की विभिन्न वस्तुओं की थोक बिक्री होती है जैसे कि बर्तन, क्रॉकारी,आकर्षक जवेलरी, खिलौने, स्टेशनरी, टेलरिंग मैटेरियल, गारमेंट्स, शूज, चप्पल और अन्य उपहार की वस्तुएं काफी तादाद में नेपाल भेजी जाती हैं। कई व्यापारियों का सामान नेपाल के रास्ते में फंसा हुआ है और कुछ तो नेपाल पहुंच चुका है जिसमें भारत के व्यापारियों पैसा लगा हुआ है। हालात नहीं सुधरे तो काफी नुकसान होगा। और कुछ आर्डर यहां पर तैयार पड़े हुए हैं नेपाल के बिगड़ते हालात पर से भारत के व्यापार को काफी असर पहुंचेगी। सदर बाजार के एक अन्य कारोबारी बीएम सागर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से दिल्ली से नेपाल माल नहीं जा पा रहा है। कुछ माल रास्ते में फंसा और कुछ माल गोदाम में पड़ा है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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