नई दिल्ली: भारत की माल ढुलाई अवसंरचना में एक नए युग की शुरुआत हो रही है, और इसकी अगुवाई DFCCIL कर रहा है। इस महीने की शुरुआत में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने अपने परिवर्तनकारी प्रयासों को और गति दी, जो देश की लॉजिस्टिक्स प्रणाली को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रमुख उपलब्धि
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) के न्यू दादरी-न्यू खुर्जा-न्यू चावापायल खंड का निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य आकर्षण रहा न्यू तलहेड़ी बुजुर्ग ट्रैक्शन सब स्टेशन (2×25 केवी टीएसएस) का उद्घाटन, जो विद्युत चालित मालगाड़ियों के लिए ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यह स्टेशन न केवल माल ढुलाई की गति और क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। इसके साथ ही, कुमार ने न्यू खन्ना स्टेशन की रेल ग्रेडिंग मशीन (RGM) साइडिंग, न्यू अंबाला सिटी के DFCCIL स्टाफ क्वार्टरों, और न्यू चावापायल के इंटरमीडिएट मेंटेनेंस डिपो (IMD) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता और कार्य प्रगति की विस्तृत समीक्षा की, यह सुनिश्चित करते हुए कि सहायक अवसंरचना भी DFCCIL की प्राथमिकता में शामिल है।
हरियाणा में प्रगति की नई लहर
कुमार ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर DFCCIL की प्रगति पर चर्चा की और उन्हें एक कॉफी टेबल बुक भेंट की। उन्होंने बताया कि न्यू रेवाड़ी (हरियाणा) और काठूवास (राजस्थान) में उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए समर्पित माल ढुलाई अवसंरचना लागत में कमी, तेज डिलीवरी और बेहतर लॉजिस्टिक्स विकल्प प्रदान करेगी। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण के बाद कुमार ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि DFCCIL का लक्ष्य केवल माल ढुलाई क्षमता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि भारतीय रेल के लॉजिस्टिक्स तंत्र को वैश्विक स्तर पर ले जाना है। उन्होंने सुरक्षा मानकों और निर्माण गुणवत्ता पर कोई समझौता न करने की बात दोहराई, क्योंकि ये परियोजनाएं भारत की अर्थव्यवस्था को दशकों तक दिशा देंगी। साथ ही, मालगाड़ियों की औसत गति, समय पर डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए तकनीक, प्रबंधन और मानव संसाधन के समन्वय पर बल दिया।
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अंतरराष्ट्रीय सहयोग
DFCCIL ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की मेजबानी की, जिसकी अध्यक्षता निदेशक (संचालन एवं व्यवसाय विकास) शोभित भटनागर ने की। इस बैठक में ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर के परिचालन प्रदर्शन की समीक्षा हुई, और चुनौतियों, अवसरों व वैश्विक मानकों के अनुरूप माल ढुलाई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर चर्चा हुई। JICA की प्रौद्योगिकी और निवेश विशेषज्ञता ने भारत की लॉजिस्टिक्स क्रांति में उनकी दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत किया। दोनों पक्षों ने ज्ञान-साझेदारी और सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई। DFCCIL न केवल भारत की माल ढुलाई अवसंरचना को मजबूत कर रहा है, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति का एक नया अध्याय लिख रहा है। यह कॉरिडोर न सिर्फ माल ढुलाई की रीढ़ बनेगा, बल्कि भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाएगा।



