IMF के नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने Urjit R Patel

Urjit R Patel का जन्म 28 अक्टूबर 1963 को केन्या की राजधानी नैरोबी में हुआ। उनके दादा गुजरात से 20वीं सदी की शुरुआत में केन्या चले गए थे।

Share This Article:

नई दिल्ली: याद है वो 8 नवंबर 2016 की शाम, जब पूरा देश टीवी पर ठहर गया था? पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने का ऐलान किया, और पूरा सिस्टम हिल गया। इस बड़े फैसले के पीछे RBI के ताजा-ताजा गवर्नर बने उर्जित पटेल की बड़ी भूमिका थी। वे महज दो महीने पहले ही कुर्सी पर बैठे थे। अब वही उर्जित पटेल (Urjit R Patel) फिर सुर्खियों में हैं, क्योंकि भारत सरकार ने उन्हें IMF में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बना दिया है। तीन साल की यह भूमिका उनके करियर का नया अध्याय है, जहां वे भारत का झंडा बुलंद करेंगे।

केन्या की गलियों से शुरू हुई कहानी

उर्जित रवींद्र पटेल का जन्म 28 अक्टूबर 1963 को केन्या की राजधानी नैरोबी में हुआ। उनके दादा गुजरात के खेड़ा जिले के महुधा गांव से 20वीं सदी की शुरुआत में केन्या चले गए थे। पिता रवींद्र पटेल नैरोबी में रेक्सो प्रोडक्ट्स नाम की केमिकल फैक्ट्री चलाते थे, और मां मंजुला घर संभालती थीं। उर्जित ने गुजराती कम्युनिटी के वीसा ओसवाल प्राइमरी स्कूल और जम्हूरी हाई स्कूल से पढ़ाई की। फिर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से 1984 में ग्रेजुएशन, ऑक्सफोर्ड से 1986 में एम.फिल., और 1990 में येल यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पीएचडी की। गुजराती परिवार में पले, लेकिन भारत आकर ही उन्होंने गुजराती और हिंदी सीखी।

पर्सनल लाइफ की अफवाहें और हकीकत

जब उर्जित RBI गवर्नर बने, तो सोशल मीडिया पर तूफान आ गया – अफवाह फैली कि उनकी शादी रिलायंस की नीता अंबानी की बहन से हुई है। लेकिन यह सरासर गलत था। उनकी पर्सनल लाइफ काफी प्राइवेट रही है। वे मुंबई में अपनी मां के साथ छोटे से अपार्टमेंट में रहते हैं। दोस्तों का घेरा छोटा है, लेकिन उन्हें ‘जॉली फेलो’ कहा जाता है। पढ़ने और घूमने का शौक है। खाने में गुजराती दाबेली पसंद आती है, और क्रिकेट देखना उन्हें भाता है। उन्होंने ‘ओवरड्राफ्ट: सेविंग द इंडियन सेवर’ नाम की किताब लिखी, जिसमें बचत के 9 ‘आर’ पर टिप्स दिए हैं।

IMF से शुरू, RBI तक का सफर, और अब वापसी

पीएचडी के बाद उर्जित 1990 से 1995 तक IMF में इकोनॉमिस्ट रहे, जहां उन्होंने भारत, अमेरिका, बहामास और म्यांमार जैसे देशों पर काम किया। फिर RBI में डेपुटेशन पर आए। नरसिम्हा राव, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह जैसी सरकारों में कई कमिटियों में रहे। रिलायंस में भी कुछ वक्त काम किया। 2013 में RBI के डिप्टी गवर्नर बने, और 4 सितंबर 2016 को 24वें गवर्नर। लेकिन दिसंबर 2018 में, कार्यकाल खत्म होने से पहले इस्तीफा दे दिया – वजह बताई पर्सनल। 2022 में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक में वाइस प्रेसिडेंट बने, और अब IMF में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर। दिलचस्प बात, वे केन्या के नागरिक थे, 2013 में 50 साल की उम्र में भारतीय नागरिकता ली।

रूखे स्वभाव की चर्चा, लेकिन एक्सपर्टाइज पर कोई शक नहीं

उर्जित को मौद्रिक नीति, फाइनेंशियल मार्केट्स और स्टैटिस्टिक्स में महारत हासिल है। लेकिन लोग उन्हें थोड़ा रिजर्व्ड मानते हैं। RBI में डिप्टी गवर्नर रहते रघुराम राजन से महीनों बात नहीं हुई, ऐसा कहा जाता है। सरकार से टकराव की अफवाहें भी रहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार सार्वजनिक रूप से उनके रवैये पर टिप्पणी की थी। लेकिन उनकी योग्यता पर कोई सवाल नहीं।

कितने साल गवर्नर रहे, और क्या लिए बड़े फैसले?

उर्जित पटेल RBI गवर्नर सिर्फ दो साल से ज्यादा रहे – 2016 से 2018 तक। उनके दौर में नोटबंदी का बड़ा फैसला हुआ, जो अर्थव्यवस्था को झकझोर गया। साथ ही, उन्होंने 4 प्रतिशत महंगाई दर का टारगेट सेट किया, जो CPI पर आधारित था। इसका मतलब, महंगाई को 4% के आसपास रखना, न कम न ज्यादा। यह नीति आज भी चल रही है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

https://newgindia.com/author/usha/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.