कटिहार: बिहार में पूर्ण शराबदंदी का दावा भले ही किया जाता हो, लेकिन कटिहार जिला इसकी हकीकत बयां कर रहा है। यहां हर महीने औसतन चार हजार लीटर अवैध शराब पुलिस के हत्थे चढ़ रही है। हाल ही में रोशना थाना पुलिस ने एक पिकअप गाड़ी से 1206 लीटर अवैध शराब जब्त कर एक बड़े तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। आएए जानते है इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी।
छह महीने में 24 हजार लीटर अवैध शराब जब्त
बिहार के कटिहार जिले शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ रही हैं। जिले के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के अनुसार, बीत छह महीने में पुलिस ने 24 हजार लीटर अवैध शराब बरामद की है। इस दौरान 1080 एफआईआर दर्ज किए गए और 1970 आरोपियों को शराब तस्करी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया। आंकड़े बताते हैं कि शराबबंदी के बावजूद कटिहार अवैध शराब का गढ़ बना हुआ है।
1206 लीटर अवैध शराब बरामद
हाल ही में रोशना थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सूचना के आधार पर पहानंदा चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच के दौरान एक पिकअप गाड़ी से 1206 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। इस मामले में एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया है।
बंगाल से तस्करी कर लाई गई थी
एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि यह शराब की खेप पश्चिम बंगाल से तस्करी कर लाई गई थी और इसे अररिया जिले के फारबिसगंज ले जाया जा रहा था। पुलिस तस्करी के इस नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने में जुटी है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं।
शराबबंदी सिर्फ कागाजें तक तो सीमित नहीं ?
कटिहार में अवैध शराब की इतनी बड़ी मात्रा में जब्त होना यह सवाल खड़ा कर रहा है कि क्या बिहार में शराबबंदी सिर्फ कागजों तक सीमित है ? पुलिस की सक्रियता के बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे में शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।



