नई दिल्ली: दुनिया में चल रहे कई युद्धों के बीच एक नई जंग की आहट सुनाई दे रही है, जो धरती से बाहर अंतरिक्ष में लड़ी जा सकती है। रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास और इजरायल-ईरान के बीच तनाव, और अब अमेरिका जैसे देशों का युद्ध के मैदान में उतरना, ये सभी संकेत दे रहे हैं कि तीसरा विश्व युद्ध शायद अंतरिक्ष तक पहुंच सकता है। कुछ शक्तिशाली देशों ने पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उनके पास ऐसी तकनीकें हैं, जो अंतरिक्ष में दुश्मन के सैटेलाइट्स को नष्ट कर सकती हैं। आइए जानते हैं, कौन से चार देश इस दौड़ में सबसे आगे हैं।
1. अमेरिका : अंतरिक्ष में सबसे ताकतवर खिलाड़ी
अमेरिका को लंबे समय से विश्व की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति माना जाता है। इसकी एंटी-सैटेलाइट (ASAT) तकनीक अंतरिक्ष में किसी भी उपग्रह को निशाना बना सकती है। 1985 में अमेरिका ने एक F-15 जेट से मिसाइल दागकर अपने ही एक सैटेलाइट को नष्ट करके इसकी ताकत दिखाई थी। इसके अलावा, अमेरिका के पास कई जासूसी सैटेलाइट्स हैं, जो पूरी दुनिया पर नजर रखते हैं और रणनीतिक जानकारी जुटाते हैं।
2. रूस : गुप्त मिशनों का मास्टर
रूस भी अंतरिक्ष युद्ध की दौड़ में पीछे नहीं है। 2007 से रूस ने कई गुप्त मिशन पूरे किए हैं, जिनमें ASAT तकनीक का परीक्षण शामिल है। 2021 में रूस ने अपने ही एक सैटेलाइट को मिसाइल से नष्ट करके अपनी ताकत का प्रदर्शन किया, जिस पर अमेरिका ने कड़ी आपत्ति जताई थी। रूस की यह क्षमता उसे अंतरिक्ष युद्ध में एक मजबूत दावेदार बनाती है।
3. चीन: उभरती अंतरिक्ष शक्ति
चीन तेजी से Space War की क्षमता विकसित कर रहा है। 2007 में उसने एक मौसम सैटेलाइट को अपनी ASAT मिसाइल से नष्ट करके दुनिया को चौंका दिया था। चीन के पास जासूसी सैटेलाइट्स का बड़ा नेटवर्क है, जो कथित तौर पर भारत जैसे देशों पर निगरानी रखने में भी इस्तेमाल होता है। इसकी तकनीकी प्रगति इसे एक खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बनाती है।
4. भारत: नई ताकत का उदय
भारत ने भी अंतरिक्ष युद्ध की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं। 2019 में मिशन शक्ति के तहत भारत ने एक लो-ऑर्बिट सैटेलाइट को अपनी ASAT मिसाइल से नष्ट करके अपनी ताकत का लोहा मनवाया। यह उपलब्धि भारत को उन चुनिंदा देशों में शामिल करती है, जो अंतरिक्ष में युद्ध लड़ने की क्षमता रखते हैं।



