नई दिल्ली: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता फिर अपने पुराने तेवर में लौट आईं हैं। दो दिन के बाद सदमें से उबरीं मुख्यमंत्री शुक्रवार को सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुईं। उनका स्पष्ट संदेश है कि न वह कभी डरेंगी, न थकेंगी और न हारेंगी। आज उनकी सबसे पहली घोषणा थी कि यमुनापार को दिल्ली के विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़ा किया जाएगा। मुख्यमंत्री पिछले छह माह से विकसित दिल्ली पर भी गंभीरता से कार्य कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यमुनापार स्थित गांधी नगर में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार वह पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य थी। कार्यक्रम में उन्होंने दिल्लीवालों को विश्वास दिलाया कि वह न डरेगी, न थकेगी, न हारेगी। उन्होंने दावा किया जब तक दिल्ली को उसके अधिकार नहीं मिल जाते, वह लगातार संघार्ष करती रहेंगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार गत बुधवार सुबह ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में रेखा गुप्ता पर एक युवक ने जानलेवा हमला करने का प्रयास किया था। चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को अपनी देखरेख में रखा और सलाह दी कि वे कुछ दिन आराम करें ताकि उनकी पुरानी ऊर्जा लौट आए और वे इस घटना के सदमे से भी उबर आएं। लेकिन इस हमले के बाद शाम को ही मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऐसे हमले मेरे हौसले और जनता की सेवा के संकल्प को कभी तोड़ नहीं सकते। अब मैं पहले से कहीं अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ जनता के बीच रहूंगी। जनसुनवाई और जनता की समस्याओं का समाधान पहले की तरह ही गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। आपका विश्वास और समर्थन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
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हर विधानसभा में होगी आपकी मुख्यमंत्री, आपके द्वार
गुरुवार शाम को चिकित्सकों ने एक बार फिर से उन्हें दो-चार दिन और आराम करने की सलाह दी लेकिन मुख्यमंत्री ने इनकार कर दिया और कहा कि ऐसे हमले उनको ‘विकसित दिल्ली’ के संकल्प से डिगा नहीं सकते और वह शुक्रवार से दिल्ली की सेवा में लग जाएंगी। वैसे उन्होंने घर से ही काम शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री ने शाम को ही एक ट्विट कर अपने संकल्प को दोहरा दिया और कहा कि ‘मैं दिल्लीवासियों के हितों के लिए लडऩा कभी नहीं छोड़ सकती। मेरे जीवन का हर क्षण और शरीर का हर कण दिल्ली के नाम है। मैं इन सभी अप्रत्याशित प्रहारों के बावजूद दिल्ली का साथ कभी नहीं छोडूंगी। वैसे भी, महिलाओं में तकलीफों से लडऩे की दोहरी ताकत होती है। उन्हें अपने आप को साबित करने के लिए अनगिनत परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। मैं भी तैयार हूं। अब जनसुनवाई केवल मेरे घर पर ही नहीं, दिल्ली की हर विधानसभा में होगी। आपकी मुख्यमंत्री, आपके द्वार।’



