नई दिल्ली: इस बार अप्रैल-जुलाई में भारतीय प्रोडक्ट और सेवाओं का एक्सपोर्ट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 5.23 फीसदी ज्यादा रह सकता है। अनुमान है कि इस बार 277.63 बिलियन अमेरिकी डॉलर संचयी निर्यात रहेगा। जबकि अप्रैल-जुलाई 2024 में यह आंकड़ा 263.83 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था।
अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान वाणिज्यिक निर्यात का संचयी मूल्य 149.20 अरब अमेरिकी डॉलर है, जबकि अप्रैल-जुलाई 2024 के दौरान यह 144.76 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसमें 3.07 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। संचयी गैर-पेट्रोलियम निर्यात 127.46 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य का रहा जो 2024 के 118.34 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में 7.70% ज्यादा है।
इन चीजों से मिला सपोर्ट
इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रत्न और आभूषण, दवा और फार्मास्यूटिकल्स और कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन ने इस वृद्धि में काफी सपोर्ट किया है। इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात जुलाई 2024 में 9.17 अरब अमेरिकी डॉलर से 13.75 प्रतिशत बढ़कर जुलाई 2025 में 10.43 अरब डॉलर हो गया। इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात जुलाई 2024 में 2.81 अरब अमेरिकी डॉलर से 33.89 प्रतिशत बढ़कर जुलाई 2025 में 3.77 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
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गहनों की मांग ज्यादा
अन्य देशों में भारत में बनने वाले रत्न और गहनों की मांग ज्यादा है। रत्न और आभूषण निर्यात में 28.95 फीसदी की वृद्धि हुई है। जुलाई 2024 में 1.85 अरब अमेरिकी डॉलर था जो इस साल बढ़कर 2.39 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
दवाओं का एक्सपोर्ट 14 फीसदी बढ़ा
भारतीय फार्मा कंपनियों का एक्सपोर्ट भी बढ़ा है। दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात जुलाई 2024 में 2.33 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 14.06% बढ़कर जुलाई 2025 में 2.66 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। कार्बनिक और अकार्बनिक रसायनों का निर्यात जुलाई 2024 में 2.30 अरब अमेरिकी डॉलर से 7.19 प्रतिशत बढ़कर जुलाई 2025 में 2.47 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया



