नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन (John Bolton) ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर भारत को बिना वजह नाराज करने का आरोप लगाया है। बोल्टन का कहना है कि ट्रंप की गलत नीतियों के चलते भारत और अमेरिका के रिश्तों (India-US Relations) पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया, जिसे लेकर बोल्टन ने नाराजगी जताई।
चीन पर क्यों नहीं हुआ टैरिफ?
बोल्टन ने यह भी सवाल उठाया कि चीन रूसी तेल खरीद रहा है, लेकिन अमेरिका ने उस पर टैरिफ नहीं लगाया। उनके मुताबिक, यह नीति न केवल दोहरे मापदंड को दर्शाती है बल्कि भारत के साथ व्यापारिक भरोसे को भी कमजोर करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के फैसलों के प्रभाव को खत्म करने में लंबा समय लग सकता है।
‘अमेरिका ने की बहुत बड़ी गलती’
बोल्टन ने कहा, “जब आप इतनी बड़ी गलती करते हैं, जैसी व्हाइट हाउस ने पिछले 30 दिनों में भारत के साथ की है, तो विश्वास बहाल करने में काफी समय लगता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के एकतरफा और कठोर कदम रिश्तों में दरार डालते हैं, जिन्हें भरना आसान नहीं होता।
पाकिस्तान और ट्रंप का जिक्र
बोल्टन ने अपने बयान में पाकिस्तान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) की सरकार और सेना प्रमुख असीम मुनीर, ट्रंप से निपटने के बेहतर तरीके खोज रहे हैं। यह संकेत है कि पाकिस्तान इस परिस्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।
PM Modi को दी अनोखी सलाह
बोल्टन ने मजाकिया लहजे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को सुझाव दिया कि वे ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दो बार नामांकित करने का प्रस्ताव रख सकते हैं। यह टिप्पणी ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि और उनके विवादास्पद कूटनीतिक तरीकों पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।
पाकिस्तान की ट्रंप को लेकर योजना
गौरतलब है कि इसी साल जून में पाकिस्तान ने घोषणा की थी कि वह हालिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष में ट्रंप के “निर्णायक कूटनीतिक हस्तक्षेप” के लिए 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार हेतु औपचारिक रूप से उनके नाम की सिफारिश करेगा। यह कदम पाकिस्तान की कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे वह अमेरिका के साथ अपने संबंध मजबूत करना चाहता है।



