नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिससे पड़ोसी देश को करीब 4,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के चार एफ-16 ब्लॉक 52 लड़ाकू विमान और दो शाहीन श्रेणी की मिसाइलें नष्ट हुई, जिससे उसे लगभग 350 मिलियन डॉलर और 8 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इस कार्रवाई ने भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की जरूरत को रेखांकित किया, जिसमें तेजस विमान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
तेजस Mk1A के लिए F404 इंजन की आपूर्ति
भारत को तेजस Mk1A फाइटर जेट के लिए अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से दो F404 इंजन प्राप्त हुए हैं, हालांकि इनकी डिलीवरी में एक साल से अधिक की देरी हुई। तीसरा इंजन जल्द ही मिलने की उम्मीद है, और अक्टूबर 2025 से GE हर महीने दो इंजन की आपूर्ति शुरू करेगा। रक्षा मंत्रालय ने 99 F404 इंजनों के शुरुआती ऑर्डर को मंजूरी दे दी है, और 97 और तेजस Mk1A विमानों के लिए भी बातचीत चल रही है। इस सौदे का अंतिम समझौता अगस्त 2025 के अंत तक होने की संभावना है।
तेजस Mk2 और AMCA के लिए F414 इंजन सौदा
भारत स्वदेशी तेजस Mk2 और उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) के लिए GE से F414 इंजन खरीदने की दिशा में भी काम कर रहा है। इस सौदे की तकनीकी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं, और अगले कुछ महीनों में इसे अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। यह सौदा भारत की रक्षा स्वावलंबन को बढ़ावा देगा, क्योंकि इसमें 80% तक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (TOT) शामिल है, जो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को भारत में ही इन इंजनों के निर्माण की क्षमता प्रदान करेगा।
भारतीय नौसेना के लिए P8I विमान
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना के लिए अमेरिका से छह और बोइंग P8I समुद्री गश्ती विमानों की खरीद पर बातचीत चल रही है। इसके लिए अगले महीने अमेरिका से एक उच्चस्तरीय टीम भारत आएगी। ये विमान भारत की समुद्री निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करेंगे, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच।
रक्षा सौदों पर ट्रंप टैरिफ की अफवाहों का खंडन
हाल ही में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा 50% टैरिफ बढ़ाने के बाद भारत रक्षा सौदों को रोक सकता है। हालांकि, भारतीय सरकारी सूत्रों ने इस खबर को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “झूठा और मनगढ़ंत” बताया। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन के साथ रक्षा सौदे पहले की तरह ही चल रहे हैं, और इनमें कोई रुकावट नहीं आई है।
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भारत की रक्षा रणनीति और भविष्य
तेजस Mk1A और Mk2 विमानों का शामिल होना भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाएगा। F404 और F414 इंजनों के साथ, ये विमान बेहतर गतिशीलता, हथियार ले जाने की क्षमता और मिशन दक्षता प्रदान करेंगे। इसके अलावा, AMCA जैसे स्वदेशी परियोजनाओं और P8I विमानों की खरीद से भारत क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी रक्षा स्थिति को और मजबूत कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए आक्रामक और प्रभावी कदम उठाने में सक्षम है।



