भागलपुर: बिहार में ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। भागलपुर जिले के पीरपैंती में 2400 मेगावाट क्षमता का एक नया थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसका जिम्मा निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड को दिया गया है। यह परियोजना करीब 27,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश के साथ बिहार में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा।
जमीन का अधिग्रहण और मुआवजा
इस विशाल परियोजना के लिए पीरपैंती के पाँच मौजों (हरिणकोल, श्रीमतपुर, रायपुरा, सुंदरपुर और टुंडवा-मुंडवा) में कुल 1020.60 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस जमीन को अदाणी पावर को मात्र एक रुपये की टोकन मनी पर 33 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, कुल 919 रैयतों (जमीन मालिकों) से जमीन ली जानी थी, जिनमें से 856 रैयतों से जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। शेष रैयतों को मुआवजा देने के लिए ₹24 करोड़ से अधिक की राशि की मांग की गई है। सबसे अधिक जमीन हरिणकोल में 728 रैयतों से ली गई है, जिसके लिए ₹10.37 करोड़ के मुआवजे की जरूरत है।
अदाणी को मिलेगी जमीन, बदले में देनी होगी सस्ती बिजली
यह सौदा एक खास समझौते पर आधारित है। जमीन के बदले, अदाणी पावर को 33 वर्षों तक ₹6.08 प्रति यूनिट की दर से बिहार को बिजली देनी होगी। इस दर में ₹4.165 प्रति यूनिट फिक्स्ड दर और ₹1.910 प्रति यूनिट फ्यूल दर शामिल है।
यह समझौता बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड और अदाणी पावर लिमिटेड के बीच एक टेंडर एग्रीमेंट के माध्यम से हुआ है। ऊर्जा विभाग ने इस संबंध में संकल्प की प्रति भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी को भेज दी है।
निविदा प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
इस परियोजना के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली 27 फरवरी को निकाली गई थी। इसमें तकनीकी रूप से चार कंपनियों अदाणी पावर, टोरेन्ट पावर, जेएसडब्ल्यू इनर्जी और ललितपुर पावर ने भाग लिया। 16 जुलाई को हुए ई-रिजर्व ऑक्शन में अदाणी पावर सबसे कम बोली (L-1) के साथ सफल रही।
यह प्लांट झारखंड के राजमहल स्थित ईसीएल के कोल ब्लॉक से कोयला प्राप्त करेगा और पानी की आवश्यकता गंगा नदी से पूरी की जाएगी। पीरपैंती में 800-800 मेगावाट की तीन यूनिट्स स्थापित की जाएंगी, जिससे कुल उत्पादन क्षमता 2400 मेगावाट होगी। यह परियोजना न केवल बिहार की बिजली की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि राज्य में बड़े निवेश और रोजगार के नए अवसर भी लाएगी।
यह परियोजना कई सालों से लंबित थी। अब जाकर, बिहार सरकार ने एक नया तरीका अपनाया है जिसमें निजी कंपनियों को इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इसके लिए एक प्रतिस्पर्धी बोली (टेंडर) प्रक्रिया चलाई गई।
इस टेंडर में अदाणी पावर लिमिटेड ने सबसे कम बोली लगाई, यानी वह सबसे सस्ती दर पर बिजली देने के लिए तैयार हुई। इसी कारण उसे यह ठेका दिया गया है। यह पहली बार है जब बिहार में इतने बड़े थर्मल पावर प्लांट का जिम्मा किसी निजी कंपनी को दिया गया है।
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इस परियोजना के लिए 1020.60 एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसे किसानों (रैयतों) से अधिग्रहित किया जा रहा है। सरकार इस जमीन को अदाणी को एक टोकन राशि पर देगी, और बदले में कंपनी 33 साल तक एक तय दर पर बिजली उपलब्ध कराएगी। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य बिहार की बिजली जरूरतों को पूरा करना और राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश लाना है।



