नवगछिया: बिहार के भागलपुर में गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल ने एक बार फिर भागलपुर के सांसद अजय मंडल पर हमला बोला है। रविवार को रंगरा प्रखंड के ज्ञानीदास टोला तीनटंगा में गंगा के कटाव का जायजा लेने पहुंचे विधायक ने सांसद पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘नकारा’ करार दिया। विधायक गोपाल मंडल ने जल संसाधन विभाग के खिलाफ बोलते हुए सांसद पर निशाना साधा और कहा कि सांसद सोए रहते हैं। वह संसद में जाते ही नहीं, सिर्फ हाजिरी लगाकर मौज-मस्ती करते हैं। विधायक ने सांसद अजय मंडल और जदयू की एक महिला नेत्री का नाम लेते हुए उन पर अमर्यादित टिप्पणी भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों को क्षेत्र की कोई परवाह नहीं है और वे गायब रहते हैं। विधायक के मुताबिक, ये दोनों सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए अपनी फोटो लगवाते हैं। गोपाल मंडल ने कहा कि उन्होंने खुद मुख्यमंत्री से मिलकर कटाव रोकने का प्रयास किया, लेकिन यह काम केंद्र सरकार के स्तर पर ही हो सकता था, जिसके लिए सांसद को आवाज उठानी चाहिए थी। विधायक ने कटाव पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
सांसद अजय मंडल ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने विधायक गोपाल मंडल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह विधायक की बयानबाजी पर कोई ध्यान नहीं देना चाहते, लेकिन उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। सांसद ने कहा कि वह विधायक के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराएंगे और कोर्ट में मानहानि का केस भी करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर विधायक को पार्टी से निकालने की भी मांग करने की बात कही है।
सांसद-विधायक की पुरानी अदावत और वर्चस्व की लड़ाई
यह विवाद सिर्फ एक बयान का नतीजा नहीं है, बल्कि भागलपुर के सांसद अजय मंडल और गोपालपुर के विधायक गोपाल मंडल के बीच चल रही पुरानी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा है। दोनों नेता भले ही जनता दल (यूनाइटेड) के हैं, लेकिन उनके बीच वर्चस्व की लड़ाई हमेशा से रही है। गोपाल मंडल अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं, और वह पहले भी सांसद अजय मंडल पर कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं। यह आपसी राजनीति का एक हिस्सा है, जहाँ एक नेता दूसरे को कमज़ोर दिखाने या अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करता है।
विकास कार्यों और गंगा कटाव पर राजनीति
विधायक गोपाल मंडल का मुख्य आरोप है कि सांसद अजय मंडल क्षेत्र के विकास कार्यों, खासकर गंगा कटाव को रोकने के प्रयासों में कोई दिलचस्पी नहीं लेते। विधायक खुद को क्षेत्र के लिए काम करने वाला नेता साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि कटाव रोकने का काम केंद्र सरकार का है और सांसद होने के नाते अजय मंडल को इस मुद्दे को संसद में उठाना चाहिए था, लेकिन वह ऐसा नहीं करते। इसके विपरीत, वह खुद को ही कटाव पीड़ितों की मदद करने वाला और मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या का समाधान निकालने वाला नेता बता रहे हैं।
व्यक्तिगत अपमान और मानहानि की वजह
इस बार का विवाद पिछले मामलों से ज़्यादा गंभीर हो गया है क्योंकि विधायक गोपाल मंडल ने सिर्फ राजनीतिक आरोप नहीं लगाए, बल्कि सांसद के व्यक्तिगत जीवन और चरित्र पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने एक महिला नेत्री के साथ सांसद के संबंधों पर अमर्यादित बयान दिए। इसी वजह से सांसद अजय मंडल ने इसे व्यक्तिगत अपमान मानते हुए कानूनी कार्रवाई करने, यानी मानहानि का केस करने और प्राथमिकी दर्ज कराने का फैसला लिया है।



