नई दिल्ली: राजगीर में हॉकी के बाद अब रग्बी की धूम है। एशियन महिला हॉकी चैम्पियनशिप की सफल मेजबानी के बाद राजगीर खेल परिसर में नौ और 10 अगस्त को एशिया अंडर-20 रग्बी सेवेंस चैम्पियनशिप का आगाज हो गया है। इस महाकुंभ में नौ देशों की महिला-पुरुष वर्ग की 16 टीमें भाग ले रही हैं। शुक्रवार इंडोर हॉल में बिहार के खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, और रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस की मौजूदी में प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। समारोह में बिहार की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए झिझिया और सामा-चकेवा जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों ने सभी का मन मोह लिया।
Asian Rugby Under-20 में 9 देश हिस्सा ले रहे
इस ऐतिहासिक आयोजन में 9 देश भारत, चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया, नेपाल की 16 टीमें (8 पुरुष और 8 महिला) हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट 9 और 10 अगस्त को राजगीर के खेल विश्वविद्यालय में खेला जाएगा, जहां विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह आयोजन बिहार को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय खेल संस्कृति को बढ़ावा देगा। दर्शकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है, और 45,000 दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम इस रोमांचक टूर्नामेंट का गवाह बनेगा।
Asian Rugby में मेहमानों को बिहार की सांस्कृतिक से रूबरू कराया
इस उद्घाटन समारोह में बिहार की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। झिझिया, सामा-चकेवा जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को बिहार की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराया। इस दौरान रग्बी इंडिया के अध्यक्ष सह एक्टर राहुल बोस ने बिहार में तैयार की गई विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की उत्कृष्ट मेजबानी के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व में इस प्रतियोगिता के शुभंकर और लोगो का अनावरण कर इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया है। भारत ने रग्बी में 22 पदको में से 17 पदक बिहार के खिलाडिय़ों ने जीते।
रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस ने बिहार के खिलाडिय़ों की जमकर तारीफ करते हुए बताया कि पिछले 4-5 सालों में भारत ने रग्बी में जो 22 पदक जीते हैं, उनमें से 17 पदक अकेले बिहार के खिलाडिय़ों ने हासिल किए हैं। इनमें 13 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। देश के सभी 27 राज्यों में बिहार का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा है। राहुल बोस ने यह भी कहा कि राजगीर का खेल विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीश् सुविधाओं से लैस है। इसीलिए एशिया रग्बी चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए यह सबसे सही जगह है।
मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना
बिहार सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इस आयोजन को बिहार की प्रगति का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में बिहार ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व तरक्की की है। उन्होंने सरकार की मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिल रहा है। वहीं, खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता ने इस आयोजन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बिहार अब अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए गौरव की बात है। इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में नौ देशों की 16 टीमों के 192 खिलाड़ी, 32 कोच और 50 तकनीकी अधिकारी इस आयोजन में शामिल हैं। भारतीय पुरुष अंडर-20 टीम में बिहार के गोल्डन कुमार और सागर प्रकाश शामिल हैं, जबकि महिला अंडर-20 टीम में बिहार की आरती कुमारी, अनशु कुमारी, अल्पना कुमारी और गुडिय़ा कुमारी चयनित हुई हैं। पुरुष टीम की कप्तानी सुमित कुमार रॉय और उपकप्तानी करन राजभार के पास है, वहीं महिला टीम की कप्तान भूमिका शुक्ला और उपकप्तान तनुश्री भोसले हैं।
राजगीर खेल परिसर
राजगीर खेल परिसर अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां 45,000 दर्शकों की क्षमता वाला मुख्य स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय इनडोर हॉल, एथलेटिक्स ट्रैक, स्विमिंग पूल, हॉकी, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन और अन्य खेलों की अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह परिसर न केवल खेल प्रतियोगिताओं बल्कि प्रशिक्षण शिविरों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी आदर्श स्थल है।



