नई दिल्ली: Delhi Metro News: दिल्ली मेट्रो ने तकनीकी नवाचार में नया इतिहास रचा है। जनकपुरी पश्चिम से बॉटनिकल गार्डन तक मैजेंटा लाइन अब बिना चालक के चल रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के लिए यह ऑटोमेशन की दिशा में अहम कदम है। इस लाइन पर सभी ट्रेनें अब बिना ऑपरेटर के संचालित हो रही हैं। यह शहरी परिवहन में एक क्रांतिकारी बदलाव है।
पिंक लाइन पर ऑटोमेशन की शुरुआत
मजलिस पार्क से शिव विहार तक की पिंक लाइन भी ड्राइवरलेस तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रही है। मार्च 2025 से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत जून 2025 तक यह लाइन दूसरे चरण में पहुंच जाएगी। अगले तीन से चार महीनों में पिंक लाइन भी पूरी तरह ड्राइवरलेस होने की उम्मीद है। यह कदम दिल्ली मेट्रो को विश्व की सबसे बड़ी मेट्रो नेटवर्क में से एक ड्राइवरलेस बनाने की योजना है, जिसमें 395 किलोमीटर के नेटवर्क में से 97 किलोमीटर स्वचालित होगा।
चरणबद्ध तरीके से लागू हुई ड्राइवरलेस तकनीक
मैजेंटा लाइन पर ड्राइवरलेस संचालन 2020 में शुरू हुआ था। मई 2024 से पहले चरण में ड्राइविंग कंसोल हटाए गए, लेकिन ऑपरेटर मौजूद रहते थे। अगस्त 2024 में दूसरे चरण में ऑपरेटरों को ट्रेन के किसी भी हिस्से में रहने की अनुमति दी गई। तीसरे चरण में हर दूसरी ट्रेन से ऑपरेटर हटाए गए और मई 2025 तक अंतिम चरण में सभी ट्रेनें पूरी तरह ड्राइवरलेस हो गईं। यह प्रक्रिया मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर की मंजूरी के साथ पूरी की गई।
भविष्य के लिए ड्राइवरलेस विस्तार
डीएमआरसी के चौथे चरण के विस्तार में भी ड्राइवरलेस तकनीक को प्राथमिकता दी जा रही है। आरके आश्रम मार्ग-जनकपुरी पश्चिम, एरोसिटी-तुगलकाबाद, और मजलिस पार्क-मौजपुर जैसे गलियारे भी ड्राइवरलेस होंगे। यह तकनीक परिचालन दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ यात्रियों को सुरक्षित और सहज अनुभव प्रदान करती है।
यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव
ड्राइवरलेस ट्रेनें मैन्युअल हस्तक्षेप को कम करके परिवहन को अधिक विश्वसनीय बनाती हैं। यह तकनीक दिल्ली मेट्रो को पर्यावरण के अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाती है। यह भविष्य के शहरी परिवहन की दिशा में एक मिसाल है।



