नई दिल्ली: संत प्रेमानंद महाराज, जो अपने आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं, हाल ही में एक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। उन्होंने एक कथा के दौरान युवाओं और उनके रिश्तों पर टिप्पणी की, जिसने सोशल मीडिया और समाज में तीखी प्रतिक्रियाएं भड़का दीं। महाराज ने कहा कि अगर कोई महिला कई पुरुषों से मिलने की आदी हो जाती है, तो वह एक पति के साथ संतुष्ट नहीं रह पाती। इसी तरह, पुरुषों के लिए भी उन्होंने कहा कि जो कई महिलाओं के साथ संबंध बनाते हैं, वे अपनी पत्नी से खुश नहीं रहते। उन्होंने यह भी दावा किया कि बहुत कम लड़कियां ही अपने जीवन को एक पुरुष के प्रति समर्पित रखती हैं। इस बयान को कई लोगों ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक माना और उनसे माफी की मांग की।
समाज में बहस और नाराजगी
प्रेमानंद महाराज के इस बयान ने समाज को दो धड़ों में बांट दिया है। कुछ लोग इसे नैतिक और धार्मिक शिक्षा का हिस्सा मानते हैं, जो युवाओं को सही रास्ते पर लाने की कोशिश है। वहीं, कई सामाजिक संगठन और लोग इसे महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक बयान मानते हैं। सोशल मीडिया पर #PremanandMaharaj हैशटैग के साथ लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने इसे रूढ़ीवादी सोच का प्रतीक बताया, जो आधुनिक समाज की प्रगतिशीलता के खिलाफ है।
प्रेमानंद महाराज का जवाब
विवाद बढ़ने के बाद, महाराज ने अपनी अगली कथा में इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग गलत आचरण में लिप्त हैं, उन्हें सत्य सुनना अच्छा नहीं लगता। उन्होंने नाली के कीड़े की तुलना उन लोगों से की, जो सुधार की बात सुनकर असहज हो जाते हैं। महाराज ने यह भी कहा कि समाज को बेहतर बनाने के लिए कड़वी सच्चाई बोलना जरूरी है।
युवाओं को संदेश: गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बनाना बंद करो
प्रेमानंद महाराज ने युवाओं से अपील की कि वे गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड जैसे रिश्तों से बचें और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दें। उन्होंने कहा कि कथा सुनने वाले बच्चे सुधार की भावना से आते हैं, इसलिए उन्हें सही मार्गदर्शन देना उनका कर्तव्य है।



