नई दिल्ली: भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) रिफाइनरी क्षेत्र में देश का पहला कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (CNPN) लगाएगा। इसके लिए उसने नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया है। यह करार गुवाहाटी में वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित ‘सीपीएसई के लिए उद्योग 4.0 कार्यशाला’ के दौरान हुआ है।
इसका मतलब यह हुआ कि BSNL जो नेटवर्क रिफाइनरी क्षेत्र में लगाएगा, उसका इस्तेमाल सिर्फ परिसर के अंदर ही हो सकेगा। CNPN इसी मायने में सार्वजनिक नेटवर्क से अलग है। उपयोग के मामले में यह एक तरह से निजी नेटवर्क की तरह होगा। यह 5G तकनीक पर लगेगा। इससे परिसर के भीतर रिफाइनरी कर्मियों को तेज, भरोसेमंद और सुरक्षित कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
उधर, इस वर्कशॉप के दौरान आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा, इनोवेश और दक्षता को बूस्ट करने पर जोर दिया गया। इसमें सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (सीपीएसई) को इंडस्ट्री 4.0 टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए फोकस किया गया। इस तकनीकी में 5जी सीएनपीएन, डिजिटल ट्विन्स , एआई के साथ 3डी प्रिंटिंग, वर्चुअल फॉर्मूलेशन, एआर/वीआर/एमआर, आईओटी और बिग डेटा एनालिटिक्स शामिल हैं।
बीएसएनएल के निदेशक (उद्यम व्यवसाय) ने कहा कि यह सहयोग भारत के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में 5जी और उद्योग 4.0 को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और उद्यमों के लिए सुरक्षित, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार संचार अवसंरचना प्रदान करके डिजिटल इंडिया को समर्थन देने के लिए बीएसएनएल की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
औद्योगिक क्षेत्र में 5G की दस्तक
इस साझेदारी के अंतर्गत बीएसएनएल और एनआरएल एक ऐसा 5G नेटवर्क स्थापित करेंगे, जो अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा। यह मिशन-क्रिटिकल औद्योगिक संचालन के लिए बनाया गया है। जिसमें सुरक्षित, अल्ट्रा-रिलायबल और रियल-टाइम कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी। उम्मीद है कि इससे इंडस्ट्री 4.0 के साकार होने में बल मिलेगा।
गेम चेंजर साबित होगा
बीएसएनएल और एनआरएल रिफाइनरी क्षेत्र में 5G सीएनपीएन स्थापित करने के लिए सहयोग करेंगे। इससे सुरक्षित, अधिक विश्वसनीय और रीयल-टाइम औद्योगिक कनेक्टिविटी का एक नया युग शुरू होगा। यह पहल मिशन-क्रिटिकल कार्यों के लिए स्वदेशी 5G बुनियादी ढांचे का लाभ उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एनआरएल के सीएमडी ने कहा कि 5जी सीएनपीएन से न केवल परिचालन दक्षता और साइबर सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि एआर/वीआर-आधारित प्रशिक्षण , डिजिटल ट्विन्स और रीयल-टाइम आईओटी जैसी तकनीकों को भी सक्षम बनाया जा सकेगा। उन्होंने इसे भारत के रिफाइनरी क्षेत्र के लिए एक परिवर्तन बताया।
रोजगार के अवसर पैदा होंगे
डीपीई सचिव ने इसे सरकार के ‘संपूर्ण सरकार’ (डब्ल्यूओजी) दृष्टिकोण का एक उत्तम उदाहरण बताया। उन्होंने भारत के औद्योगिक आधार को आधुनिक बनाने, उन्नत कौशल को बढ़ावा देने और विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने की इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला। बीएसएनएल के सीएमडी ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा, ‘यह साझेदारी भारत के रणनीतिक क्षेत्रों को अगली पीढ़ी के डिजिटल बुनियादी ढांचे से सशक्त बनाने की बीएसएनएल की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। एनआरएल में एक समर्पित 5G सीएनपीएन की तैनाती तकनीकी क्षेत्र के अंतर्गत न केवल कनेक्टिविटी को बल्कि भविष्य में प्रमुख उद्योगों के संचालन के तरीके को पुनर्परिभाषित करने में भी आगे बढ़ाएगी।
- इसको भी पढ़ें: देशभर में बिछा 5G का जाल, फर्राटा भर रहा नेटवर्क
मॉडलों के लिए तैयार होगा मंच
बीएसएनएल और एनआरएल के बीच साझेदारी से अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में अनुकरणीय मॉडलों के लिए मंच तैयार होगा, जिससे भारत सरकार के डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बल मिलेगा। इस कार्यक्रम में लोक उद्यम विभाग (डीपीई) के सचिव , एनआरएल के सीएमडी , बीएसएनएल के निदेशक (उद्यम व्यवसाय) , एनआरएल के एमडी , एमट्रॉन के एमडी आदि मौजूद रहे।



