नई दिल्ली: August 2025 का महीना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास है। सावन और भाद्रपद माह में पड़ने वाले व्रत और त्योहार, जैसे रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, हरतालिका तीज, और गणेश चतुर्थी, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम लाते हैं। प्रकृति की हरियाली के बीच ये पर्व परिवार, आस्था और परंपराओं को एकजुट करते हैं। आइए जानते हैं अगस्त 2025 के प्रमुख व्रत और त्योहारों की तिथियां और महत्व।
1. रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा (9 अगस्त)
रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, जो सावन पूर्णिमा को मनाया जाता है। बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं, और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं। इस दिन नारली पूर्णिमा और गायत्री जयंती भी मनाई जाती है, जिसमें भगवान वरुण की पूजा और गायत्री मंत्र का जाप विशेष महत्व रखता है।
2. कजरी तीज और बहुला चतुर्थी (12 अगस्त)
कजरी तीज पर सुहागिनें पति और संतान की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन भगवान गणेश, श्रीकृष्ण और बहुला गाय की पूजा होती है। हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी भी इसी दिन मनाई जाती है, जिसमें गणेश भक्त उपवास और प्रार्थना करते हैं।
3. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (16 अगस्त)
जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व है। मध्य रात्रि में मंदिरों में विशेष पूजा, भक्ति भजन और दही हांडी जैसे आयोजन होते हैं। भक्त इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु के इस अवतार की भक्ति में डूबते हैं।
4. हरतालिका तीज (26 अगस्त)
हरतालिका तीज पर सुहागिनें माता पार्वती और शिव जी की पूजा करती हैं, ताकि पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना पूरी हो। यह निरजला व्रत कठिन तपस्या का प्रतीक है। गौरी हब्बा भी इसी दिन मनाया जाता है।
5. गणेश चतुर्थी (27 अगस्त)
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा 10 दिनों तक भक्ति और उत्साह के साथ की जाती है। मिट्टी की मूर्तियों की स्थापना, मंत्रोच्चार और मोदक अर्पण इस पर्व की विशेषता है। यह पर्व बाधाओं को दूर करने और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।



