साइबर अपराध पर बड़ा प्रहार, सरकार ने बंद कराए 1.36 करोड़ मोबाइल नंबर

केंद्र सरकार इस वक्त साइबर क्राइम पर सख्त है। शिकायतों के आधार पर एक करोड़ से ज्यादा मोबाइल बंद करवाए हैं। वहीं, संचार साथी पोर्टल भी इसका मददगार बना है।

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नई दिल्ली: सरकार ने साइबर अपराध पर बड़ा प्रहार किया। उसने फोन पर धोखाधड़ी के मामलों में मिलीं शिकायतों के आधार पर एक करोड़ 36 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों को बंद कराए हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संचार साथी पोर्टल के जरिए पांच लाख से ज्यादा मोबाइल हैंडसेट बरामद किए गए हैं। 
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने और लोगों को डिजिटल खतरों से बचाने के लिए एक बड़े राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है। इस पहल के अंतर्गत एक डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म विकसित किया गया है। यह 570 बैंकों, 36 राज्य पुलिस बलों, जांच एजेंसियों और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं सहित 620 संस्थानों को एक साथ लाकर वास्तविक समय में धोखाधड़ी से निपटने में मदद करेगा।

संचार साथी पोर्टल
सरकार ने 2023 में संचार साथी पोर्टल शुरू किया। इस पर अब तक 15 करोड़ 50 लाख से अधिक हिट दर्ज किए जा चुके हैं।यह मजबूत जन जागरूकता और भागीदारी को दर्शाता है। इस सफलता के आधार पर 17 जनवरी 2025 को एंड्रॉइड और आईओएस दोनों के लिए संचार साथी मोबाइल ऐप शुरू किया गया। इसे 44 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

24 लाख व्हाट्सएप अकाउंट बंद किए
इनकी संयुक्त जानकारी के जरिए दूरसंचार विभाग ने 5.5 लाख हैंडसेट ब्लॉक किए हैं और 20,000 बल्क एसएमएस भेजने वालों को निष्क्रिय किया है। संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लगभग 24 लाख व्हाट्सएप अकाउंट भी बंद कर दिए गए हैं। इस सेवा की एक प्रमुख विशेषता “अपने मोबाइल कनेक्शन जानें” है। यह उपयोगकर्ताओं को अपने नाम से जारी सभी नंबरों की जाँच करने और किसी भी अनधिकृत कनेक्शन की सूचना देने की सुविधा देती है। इसके परिणामस्वरूप ऐसे एक करोड़ 36 लाख नंबरों को बंद कर दिया गया है।

82 लाख अतिरिक्त कनेक्शन बंद किए
सरकार ने नकली मोबाइल नंबरों का स्वचालित रूप से पता लगाने और उन्हें हटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स, विशेष रूप से एएसटीआर सिस्टम का भी इस्तेमाल किया है। इसके परिणामस्वरूप ऐसे 82 लाख अतिरिक्त कनेक्शन बंद किए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्पूफ कॉल्स (विदेशी नंबर भारतीय कॉल के रूप में दिखाई देते हैं) की गंभीर समस्या का समाधान करते हुए दूरसंचार विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय इनकमिंग स्पूफ कॉल्स रोकथाम के अंतर्गत एक केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर समाधान पेश किया है। 

97 प्रतिशत की कमी आई
पहले ही दिन एक करोड़ 35 लाख ऐसी स्पूफ कॉल्स बंद कर दी गईं। निरंतर प्रयासों से ऐसी घटनाओं में 97 प्रतिशत की कमी आई है। आज पहले की तुलना में प्रतिदिन केवल लगभग तीन लाख स्पूफ कॉल्स ही पकड़ी जा रही हैं। दूरसंचार ऑपरेटरों को उपयोगकर्ता पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऐसे सभी इनकमिंग नंबरों पर “अंतर्राष्ट्रीय कॉल” अलर्ट प्रदर्शित करना भी अनिवार्य कर दिया गया है।

संदिग्ध लेनदेन पर रोक
एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति के अंतर्गत बैंकिंग और लेनदेन व्यवहार के आधार पर उपयोगकर्ता जोखिम स्तरों-अत्यंत उच्च, उच्च या मध्यम-का आकलन करने के लिए धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) प्रणाली शुरू की गई। यह जोखिम डेटा वास्तविक समय में बैंकों के साथ साझा किया जाता है। इससे उन्हें संदिग्ध लेनदेन रोकने में मदद मिलती है। इन श्रेणियों के अंतर्गत 3.7 लाख से अधिक व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है।

1.55 लाख बैंक खातों को फ्रीज किया गया
इसके परिणामस्वरूप 3.04 लाख से अधिक डेबिट/क्रेडिट निर्देशों को रोका गया है और 1.55 लाख बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। इस प्रणाली की प्रभावशीलता को देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी बैंकों को अपने आंतरिक सिस्टम में एफ आर आई को एकीकृत करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त दूरसंचार विभाग ने दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से संचालित भारतीय सिम के दुरुपयोग के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। ऐसे 26 लाख से ज़्यादा रोमिंग मोबाइल कनेक्शन काट दिए गए हैं और ऐसे घोटालों में इस्तेमाल होने वाले लगभग 1.3 लाख उपकरणों को ब्लॉक कर दिया गया है।

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