क्या आप जानते हैं कि गया में पिंडदान करने की परंपरा कितनी पुरानी है?
Sep 09, 2025
By
Sakshi
Pal
RELIGION
मान्यता है कि गया में पिंडदान की परंपरा की शुरुआत वैदिक काल में हुई थी।
Source: Pexel
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने भी अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध और पिंडदान यहीं गया में किया था।
Source: Pexel
इतना ही नहीं, महाभारत काल के योद्धा पांडवों ने भी अपने पूर्वजों को पिंडदान यहीं किया था।
Source: Pexel
हिंदू धर्म के कई प्रमुख ग्रंथों, जैसे स्कंद पुराण, वायु पुराण और रामायण-महाभारत में भी गया की महिमा का उल्लेख मिलता है।
Source: Pexel
इस प्राचीन शहर का नाम गयासुर नामक एक असुर के नाम पर पड़ा था।
Source: Pexel
कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने गयासुर के सीने पर पैर रखकर उसे मुक्ति दिलाई थी।
Source: Pexel
तब से ही यह माना जाता है कि गया में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
Source: Pexel
यही वजह है कि यह स्थान पितरों को श्रद्धांजलि देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल बन गया है।
Source: Pexel